पाली में OBC सर्वे की तैयारियां पूरी, 10 जुलाई से घर-घर होगा डिजिटल सर्वे, प्रगणकों को दिया विशेष प्रशिक्षण

पाली : राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनैतिक प्रतिनिधित्व) आयोग के निर्देशानुसार जिले में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से संबंधित परिवारों के व्यापक सर्वेक्षण की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इसी क्रम में बुधवार को पंचायत समिति सभागार में प्रगणकों (एन्यूमरेटर) का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें डिजिटल सर्वे की प्रक्रिया, राजधारा एप के संचालन और सर्वेक्षण के दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपखंड अधिकारी विमलेन्द्र सिंह राणावत ने बताया कि 10 जुलाई से 23 जुलाई तक जिले में राजधारा एप के माध्यम से ओबीसी परिवारों का सर्वेक्षण किया जाएगा। उन्होंने सभी प्रगणकों से पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि सर्वे का उद्देश्य सटीक और विश्वसनीय आंकड़े जुटाना है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचना आवश्यक होगा।
उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा निर्धारित समय-सीमा में सर्वे कार्य पूरा करना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें प्रत्येक प्रगणक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगी।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान मास्टर ट्रेनर कल्याण सिंह, गणपत लाल पन्नू, ओमप्रकाश कुमावत एवं जयपाल सिंह ने प्रगणकों को राजधारा एप के उपयोग, सर्वेक्षण की तकनीकी प्रक्रिया, डाटा एंट्री, दस्तावेजों के सत्यापन तथा अन्य आवश्यक दिशा-निर्देशों की विस्तार से जानकारी दी।
प्रशिक्षकों ने बताया कि डिजिटल माध्यम से किए जाने वाले इस सर्वे में प्रत्येक जानकारी को निर्धारित प्रारूप के अनुसार दर्ज करना होगा, ताकि आंकड़ों की शुद्धता और पारदर्शिता बनी रहे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम विभिन्न भाग संख्याओं के अनुसार अलग-अलग सत्रों में आयोजित किया गया।
पाली विधानसभा क्षेत्र के भाग संख्या 56 से 105 के प्रगणकों को दोपहर 12 बजे, 106 से 156 के लिए दोपहर 1 बजे तथा 157 से 203 के लिए दोपहर 2 बजे प्रशिक्षण दिया गया।
वहीं सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र के भाग संख्या 1 से 58 के प्रगणकों का प्रशिक्षण दोपहर 3 बजे तथा 59 से 101 एवं 115 से 121 के प्रगणकों का प्रशिक्षण शाम 4 बजे आयोजित किया गया।
सफल सर्वे के लिए प्रशासन ने किया आह्वान
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सवाई सिंह राजपुरोहित सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में प्रगणक मौजूद रहे। प्रशासन ने सभी प्रगणकों से समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण सर्वे सुनिश्चित करने की अपील की, ताकि अन्य पिछड़ा वर्ग से जुड़े परिवारों का सही एवं व्यापक डाटा तैयार किया जा सके।



