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बरसात में स्वास्थ्य सेवाओं पर रहेगा प्रशासन का फोकस, दवा की कमी और रेफरल सिस्टम पर जिला कलेक्टर सख्त

पाली : मानसून के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत और आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला स्वास्थ्य भवन में जिला स्वास्थ्य समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में मौसमी बीमारियों की रोकथाम, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, परिवार कल्याण कार्यक्रम, टीबी उन्मूलन और राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में जिला कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि बरसात के मौसम में जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए चिकित्सा विभाग को पूरी सतर्कता और सक्रियता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने सभी चिकित्सा अधिकारियों को अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों की नियमित निगरानी करने, क्षतिग्रस्त भवनों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।

डॉ. गोस्वामी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी मरीज को सरकारी अस्पताल से बाहर जाकर दवा खरीदने की नौबत नहीं आनी चाहिए। जिन संस्थानों में दवाओं की कमी है, वहां तत्काल इंडेंट जारी कर आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में संस्थागत प्रसव की समीक्षा करते हुए जिला कलेक्टर ने कहा कि जिला अस्पताल और उप जिला अस्पतालों पर अनावश्यक दबाव कम करने के लिए सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अधिक से अधिक प्रसव कराए जाएं। उन्होंने अनावश्यक रेफरल की प्रवृत्ति पर रोक लगाने और स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।

टीकाकरण अभियान की समीक्षा के दौरान जिला कलेक्टर ने जिले में शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ‘मिशन सुरक्षा चक्र अभियान’ को प्रभावी ढंग से संचालित करने, ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरूकता बढ़ाने और छूटे हुए बच्चों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाने पर बल दिया।

बैठक में विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए लक्ष्य से पीछे चल रहे ब्लॉकों को निर्धारित समय सीमा में प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. उजमा जबीन ने टीबी मुक्त भारत अभियान, एचआईवी/एड्स नियंत्रण कार्यक्रम तथा एआरटी सेवाओं की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की।

वहीं सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल ने जिले में संचालित स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत की। एडिशनल सीएमएचओ डॉ. जीत कुमार गुर्जर ने विश्व जनसंख्या सप्ताह एवं परिवार कल्याण कार्यक्रम, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. वेदांत गर्ग ने गैर संचारी रोग (एनसीडी) कार्यक्रम तथा आरसीएचओ डॉ. विजेंद्रपाल सिंह चुंडावत ने टीकाकरण अभियान की प्रगति से अवगत कराया।

बैठक में सोजत, बाली, सुमेरपुर एवं पाली के पीएमओ सहित जिले के सभी ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सीएचसी प्रभारी, स्वास्थ्य अधिकारी एवं विभागीय कार्मिक मौजूद रहे।

जिला कलेक्टर ने कहा कि मानसून के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चिकित्सा विभाग को मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने, अस्पतालों में भीड़ कम करने, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने तथा मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावी रणनीति के साथ कार्य करना होगा, ताकि जिले में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रूप से संचालित होती रहें।

Rajasthan Today

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