पाली में गर्भवती महिलाओं की सघन हेल्थ स्क्रीनिंग अभियान तेज, 109 हाई रिस्क प्रेग्नेंसी चिन्हित, हर महिला की निगरानी के लिए स्वास्थ्यकर्मी तैनात

पाली : राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार जिलेभर में चल रहे गर्भवती महिलाओं के सघन हेल्थ स्क्रीनिंग अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है। आगामी 18 जुलाई तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत गुरुवार को जिले के गांव-ढाणियों में आंगनबाड़ी केंद्रों और सामुदायिक स्थलों पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस आयोजित किए गए, जहां बड़ी संख्या में गर्भवती एवं प्रसूता महिलाओं ने स्वास्थ्य जांच कराकर विभिन्न चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठाया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. विकास मारवाल ने बताया कि अभियान के दौरान बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व (ANC) जांच की गई, जिसमें 109 हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनकी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य जांच की गई। इन महिलाओं की नियमित निगरानी के लिए प्रत्येक हाई रिस्क गर्भवती को एक स्वास्थ्य कार्यकर्ता से टैग किया गया है, जो गर्भावस्था से लेकर सुरक्षित प्रसव तक उनके स्वास्थ्य की निरंतर निगरानी करेगा।
अभियान के दौरान जिले के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में एक ही दिन में 20 सुरक्षित प्रसव भी कराए गए। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि समय पर जांच, जोखिम की पहचान और बेहतर चिकित्सा प्रबंधन के कारण सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा मिल रहा है।

अभियान के तहत आयोजित सभी सत्र स्थलों पर गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच, आवश्यक दवाइयों का वितरण, पोषण संबंधी परामर्श तथा सुरक्षित मातृत्व के प्रति जागरूकता पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही नई गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण कर उन्हें नियमित स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा गया।
अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए जिला एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों ने जिलेभर में आयोजित 298 मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस सत्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दवाइयों की उपलब्धता, जांच उपकरणों की स्थिति, गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य रिकॉर्ड तथा सेवाओं की गुणवत्ता की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी (आरसीएचओ) डॉ. विजेंद्रपाल सिंह चुंडावत ने विभिन्न ब्लॉकों के आंगनबाड़ी केंद्रों का दौरा कर अभियान की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, आशा सहयोगिनियों और एएनएम से क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं की संख्या, हाई रिस्क मामलों, सत्रों में उपस्थिति तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान आवश्यक दवाइयों, जांच उपकरणों और स्वास्थ्य अभिलेखों की भी समीक्षा की गई तथा अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अभियान के अंतिम दिन तक कोई भी पात्र गर्भवती महिला स्वास्थ्य जांच से वंचित न रहे।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य हाई रिस्क गर्भावस्थाओं की समय पर पहचान कर सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करना तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है।



