‘आओ गांव चलें’ अभियान का बड़ा असर, प्रवासी भामाशाहों ने अस्पताल के लिए 50 लाख की जमीन दान देने का लिया संकल्प

पाली : जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी की अभिनव पहल “आओ गांव चलें” अभियान ग्रामीण विकास की दिशा में लगातार नई मिसाल कायम कर रहा है। मातृभूमि से दूर रह रहे प्रवासी पालीवासियों को अपने गांव के विकास से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू किए गए इस अभियान के तहत एक और बड़ी सौगात मिली है। मुंबई प्रवासी भामाशाहों ने रानी ब्लॉक के भादरलाऊ गांव में सरकारी चिकित्सालय के निर्माण के लिए करीब 50 लाख रुपये मूल्य की 10 हजार वर्गफीट भूमि राज्य सरकार को दान देने का निर्णय लिया है।
जिला कलक्टर से मुलाकात के दौरान हरिश गुलाबचंद भाटिया (मुंबई) एवं श्रीमती मंजू देवी भगवती प्रसाद सैन ने अस्पताल निर्माण के लिए भूमि दान का सहमति पत्र सौंपा। इस पहल से गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का मार्ग प्रशस्त होगा और ग्रामीणों को भविष्य में बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
भादरलाऊ गांव में प्रस्तावित चिकित्सालय के लिए भूमि उपलब्ध होने से क्षेत्र के हजारों लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा। अब ग्रामीणों को सामान्य उपचार के लिए दूर-दराज के अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इस पहल को ग्रामीण विकास और जनसेवा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जिला प्रशासन ने इस जनहितकारी योगदान के लिए भामाशाह हरिश गुलाबचंद भाटिया, मंजू देवी भगवती प्रसाद सैन तथा इस कार्य के प्रेरक जीवाराम चौधरी और डॉ. मुरलीधर वैष्णव का आभार व्यक्त किया। प्रशासन ने कहा कि ऐसे सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति मिल रही है।
जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने बताया कि “आओ गांव चलें” अभियान का उद्देश्य प्रवासी पालीवासियों को अपनी मातृभूमि के विकास में सहभागी बनाना है। अभियान के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी, पेयजल, आधारभूत सुविधाओं और अन्य जनोपयोगी कार्यों में सहयोग के लिए प्रवासियों को प्रेरित किया जा रहा है।
जिला प्रवासी प्रकोष्ठ के अनुसार, जो भी प्रवासी पालीवासी अपने गांव के विकास में योगदान देना चाहते हैं, वे जिला प्रशासन से संपर्क कर शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास से जुड़े कार्यों में सहयोग कर सकते हैं। प्रशासन का मानना है कि जनभागीदारी और प्रवासी भामाशाहों के सहयोग से पाली जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है।



