पाली में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल, विश्व हिंदू परिषद का निःशुल्क मेहंदी प्रशिक्षण शिविर जारी

पाली। विश्व हिंदू परिषद की इकाई मातृशक्ति एवं दुर्गावाहिनी के तत्वावधान में महिलाओं और युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने तथा पारंपरिक कला से जोड़ने के उद्देश्य से निःशुल्क मेहंदी प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शहर के रामलीला मैदान में चल रहे इस शिविर में बड़ी संख्या में युवतियां और महिलाएं उत्साहपूर्वक भाग लेकर मेहंदी कला का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।
शिविर का आयोजन 2 अगस्त से 13 अगस्त 2026 तक किया जा रहा है। प्रतिदिन सुबह 9 बजे से 11 बजे तक दो घंटे के प्रशिक्षण सत्र में प्रतिभागियों को मेहंदी की पारंपरिक और आधुनिक डिजाइनों की बारीकियां सिखाई जा रही हैं।
दुर्गा वाहिनी की जिला संयोजिका प्रियंका माली ने बताया कि प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य केवल मेहंदी लगाना सिखाना नहीं, बल्कि महिलाओं और युवतियों को ऐसा कौशल प्रदान करना है जिससे वे भविष्य में स्वरोजगार की दिशा में भी आगे बढ़ सकें।

उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन, हरियाली तीज और करवा चौथ जैसे प्रमुख त्योहारों के दौरान मेहंदी की मांग काफी बढ़ जाती है। ऐसे समय में प्रशिक्षित महिलाएं अपने हुनर के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकती हैं और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी प्राप्त कर सकती हैं।
शिविर में प्रतिभागियों को पारंपरिक मेहंदी डिजाइनों के साथ-साथ आधुनिक एवं आकर्षक डिजाइनों का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य भारतीय संस्कृति और पारंपरिक कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ महिलाओं के आत्मविश्वास और कौशल विकास को बढ़ावा देना है।
शिविर में मातृशक्ति विभाग संयोजिका रेखा सोलंकी, विका देवी, विमला देवी, मंजू, सुनीता, मनीषा, सीमा, निर्मा, पूजा, हीना, कोमल, पायल सहित अनेक महिलाएं और युवतियां नियमित रूप से प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।
आयोजकों ने अधिक से अधिक महिलाओं एवं युवतियों से इस निःशुल्क प्रशिक्षण शिविर का लाभ उठाकर अपने हुनर को निखारने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाने का आह्वान किया।



