हाइफा के वीर मेजर दलपत सिंह देवली के सम्मान में पेनोरमा निर्माण की मांग तेज, धरोहर प्राधिकरण अध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन

पाली : प्रथम विश्व युद्ध में इजरायल के हाइफा युद्ध में अद्वितीय वीरता का परिचय देने वाले अमर शहीद हाइफा हीरो मेजर दलपत सिंह देवली की स्मृतियों को सहेजने और आने वाली पीढ़ियों तक उनके शौर्य की गाथा पहुंचाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। गुरुवार को रावणा राजपूत समाज के प्रतिनिधिमंडल ने उनके पैतृक गांव में आधुनिक सुविधाओं से युक्त भव्य पेनोरमा के निर्माण की मांग को लेकर राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत को ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व समाज के जिलाध्यक्ष प्रमेंद्र सिंह परिहार ने किया। समाज के मीडिया प्रभारी विक्रम सिंह परिहार ने बताया कि मेजर दलपत सिंह देवली ने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान हाइफा की ऐतिहासिक लड़ाई में अपने अदम्य साहस, नेतृत्व क्षमता और रणकौशल का परिचय देते हुए भारतीय सैनिकों का सफल नेतृत्व किया था। उनके नेतृत्व में भारतीय सेना ने हाइफा शहर को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके कारण आज भी उन्हें भारत ही नहीं बल्कि इजरायल सहित कई देशों में सम्मानपूर्वक याद किया जाता है।
उन्होंने कहा कि मेजर दलपत सिंह देवली केवल किसी एक समाज के नहीं, बल्कि पूरे देश के गौरव हैं। ऐसे महान वीर योद्धा के जीवन, संघर्ष और बलिदान को स्थायी पहचान दिलाने के लिए उनके पैतृक गांव में भव्य पेनोरमा का निर्माण समय की आवश्यकता है।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि यदि पेनोरमा का निर्माण होता है तो यह न केवल उनकी वीरगाथा को संरक्षित करेगा, बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों, विद्यार्थियों और शोधार्थियों को भी उनके ऐतिहासिक योगदान की विस्तृत जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही यह स्थल युवा पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति, शौर्य और बलिदान की भावना को भी मजबूत करेगा।
ज्ञापन में राज्य सरकार से मांग की गई कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को प्राथमिकता देते हुए पेनोरमा निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू कराई जाए, ताकि राष्ट्र के इस महान सपूत को उनकी वीरता के अनुरूप सम्मान मिल सके।
इस दौरान खीम सिंह भाटी, कल्याण सिंह सोलंकी, राजू सिंह सहित रावणा राजपूत समाज के कई पदाधिकारी एवं समाजबंधु उपस्थित रहे।



