मातृ सुरक्षा के लिए पाली में अनोखी पहल, एचआरपी गर्भवतियों के लिए रक्तदान महाअभियान में जुटा पूरा जिला, 81 यूनिट रक्त संग्रहित

पाली : मातृ मृत्यु दर को कम करने और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) से जूझ रही गर्भवती महिलाओं को समय पर रक्त उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पाली में आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर ने सेवा, संवेदनशीलता और जनभागीदारी की नई मिसाल कायम की। सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल की पहल पर शुक्रवार को स्वास्थ्य भवन स्थित सीएमएचओ कार्यालय में आयोजित रक्तदान शिविर में चिकित्सा विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ सामाजिक संगठनों, युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। शिविर में 81 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया, जो जरूरतमंद गर्भवती महिलाओं सहित गंभीर मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित होगा।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में गंभीर एनीमिया और प्रसव संबंधी जटिलताओं से जूझ रही हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) महिलाओं को समय पर रक्त उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती होती है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए इस विशेष रक्तदान अभियान का आयोजन किया गया, ताकि किसी भी गर्भवती महिला को रक्त के अभाव में संकट का सामना न करना पड़े।

शिविर का सबसे भावुक क्षण तब आया जब सीएमएचओ कार्यालय के कर्मचारी ओम प्रकाश ने अपने जन्मदिन पर रक्तदान किया। उन्होंने कहा कि जन्मदिन मनाने का सबसे बेहतर तरीका किसी जरूरतमंद की जान बचाने में सहयोग करना है। उनके इस कदम ने उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर दिया और रक्तदान के प्रति सकारात्मक संदेश दिया।
रक्तदान शिविर की जानकारी मिलते ही विभिन्न सामाजिक संगठनों, ग्रामीण क्षेत्रों और युवाओं ने भी बड़ी संख्या में पहुंचकर रक्तदान किया। कई रक्तदाताओं ने कहा कि एचआरपी महिलाओं की सुरक्षा के लिए आयोजित इस अभियान का हिस्सा बनना उनके लिए गर्व की बात है। इससे यह आयोजन केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि समाज की भागीदारी वाला जनअभियान बन गया।
शिविर में रक्त संग्रहण की संपूर्ण व्यवस्था बांगड़ अस्पताल, पाली की ब्लड बैंक टीम ने की। सभी रक्तदाताओं की स्वास्थ्य जांच के बाद सुरक्षित तरीके से रक्त संग्रहित किया गया। विभाग के अनुसार यह रक्त विशेष रूप से एचआरपी गर्भवती महिलाओं के साथ-साथ दुर्घटना पीड़ितों, थैलेसीमिया मरीजों और अन्य गंभीर रोगियों के उपचार में उपयोग किया जाएगा।

शिविर के समापन पर सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल ने सभी रक्तदाताओं को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया और उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह केवल रक्तदान शिविर नहीं बल्कि मातृ सुरक्षा को समर्पित एक सामाजिक आंदोलन है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग ने स्वयं आगे बढ़कर उदाहरण प्रस्तुत किया है।
डॉ. विकास मारवाल ने जिले के सभी सरकारी एवं निजी विभागों, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों, उद्योगों, व्यापारिक संस्थाओं और युवा मंडलों से नियमित रूप से रक्तदान शिविर आयोजित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक यूनिट रक्त तीन लोगों का जीवन बचा सकता है, इसलिए यदि प्रत्येक संस्था समय-समय पर रक्तदान अभियान चलाए तो जिले में रक्त की कमी की समस्या हमेशा के लिए समाप्त की जा सकती है।
उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि रक्तदान को केवल एक सामाजिक कार्य नहीं, बल्कि मानव जीवन बचाने का सबसे बड़ा दान मानते हुए अधिक से अधिक संख्या में स्वैच्छिक रक्तदान करें, ताकि किसी भी मरीज को रक्त के अभाव में जीवन संकट का सामना न करना पड़े।




