राष्ट्रीय गुणवत्ता में पाली की बड़ी उपलब्धि, जिले के तीन आयुष्मान आरोग्य मंदिर पीएचसी को मिला NQAS प्रमाणन

पाली : जिले की ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में पाली ने राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों के परिणामस्वरूप जिले के तीन आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के तहत राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त हुआ है। खास बात यह है कि राष्ट्रीय स्तर पर जारी नई NQAS प्रमाणित सूची में कुल पांच आयुष्मान आरोग्य मंदिर पीएचसी को प्रमाणन मिला है, जिनमें अकेले पाली जिले के तीन स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित इन पांच संस्थानों में पाली के तीन आयुष्मान आरोग्य मंदिर पीएचसी के अलावा नागौर और हनुमानगढ़ जिले का एक-एक स्वास्थ्य केंद्र शामिल है। पाली जिले के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राष्ट्रीय सूची में प्रमाणित हुए पांच संस्थानों में 60 प्रतिशत संस्थान पाली जिले के हैं।

सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल ने बताया कि भारत सरकार की ओर से जारी प्रमाणन के अनुसार पाली जिले के तीन आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन प्रदान किया गया है।
इनमें— आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राजोला कलां — सोजत ब्लॉक
आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लूणावा — बाली ब्लॉक
आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भारुंदा — सुमेरपुर ब्लॉक शामिल हैं।
इन तीनों स्वास्थ्य केंद्रों ने निर्धारित राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए यह प्रमाणन हासिल किया है।
सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल ने बताया कि नेशनल हेल्थ सिस्टम्स रिसोर्स सेंटर (NHSRC) की ओर से इन तीनों चिकित्सा संस्थानों का जून माह में राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया गया था। इस दौरान स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं एवं व्यवस्थाओं का विभिन्न निर्धारित मापदंडों पर गहन परीक्षण किया गया।
मूल्यांकन में मरीजों को उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाएं, संस्थागत प्रबंधन, स्वच्छता व्यवस्था, संक्रमण नियंत्रण, रिकॉर्ड प्रबंधन, दवाइयों की उपलब्धता, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, गैर-संचारी रोगों का प्रबंधन तथा अन्य गुणवत्ता मानकों को शामिल किया गया। निर्धारित मानकों पर संतोषजनक एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद तीनों स्वास्थ्य केंद्रों को राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन के लिए चयनित किया गया।

एडिशनल सीएमएचओ डॉ. जीतकुमार गुर्जर ने कहा कि NQAS प्रमाणन मिलने से इन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को सुरक्षित, व्यवस्थित, मरीज-केंद्रित और मानक आधारित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में और मजबूती आएगी।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रमाणन केवल संस्थान के लिए सम्मान नहीं, बल्कि वहां कार्यरत चिकित्सा एवं स्वास्थ्यकर्मियों की मेहनत और सेवाभाव का भी प्रमाण है। इस उपलब्धि से जिले के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों को भी गुणवत्ता सुधार के लिए प्रेरणा मिलेगी।
डिप्टी सीएमएचओ डॉ. वेदान्त गर्ग ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि जिले में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सा विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, एएनएम, आशा सहयोगिनियों सहित सभी स्वास्थ्यकर्मियों की टीम भावना, प्रतिबद्धता और निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए गुणवत्ता आधारित व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर किया जा रहा है।

आरसीएचओ डॉ. विजेंद्रपाल सिंह चुंडावत ने बताया कि चिकित्सा विभाग का उद्देश्य जिले के प्रत्येक आयुष्मान आरोग्य मंदिर एवं स्वास्थ्य संस्थान में गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना है। आगामी समय में जिले के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों को भी राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन दिलाने के लिए गुणवत्ता सुधार गतिविधियों को और गति दी जाएगी।
डीपीएम भवानी सिंह ने बताया कि NQAS प्रमाणन स्वास्थ्य संस्थानों में सेवा गुणवत्ता, मरीजों की सुरक्षा, स्वच्छता, संसाधनों के प्रभावी उपयोग और मानक आधारित स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण सूचक माना जाता है। प्रमाणन की प्रक्रिया के दौरान संस्थानों की व्यवस्थाओं का विभिन्न मानकों पर मूल्यांकन किया जाता है। इससे स्वास्थ्य संस्थानों में निरंतर सुधार की प्रक्रिया मजबूत होती है और आमजन का सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति विश्वास भी बढ़ता है।
पाली जिले के राजोला कलां, लूणावा और भारुंदा स्थित तीन आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को मिला राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन जिले की ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
एक ही जिले के तीन स्वास्थ्य केंद्रों का राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित होना चिकित्सा विभाग की गुणवत्ता सुधार संबंधी गतिविधियों को दर्शाता है। विभाग का लक्ष्य अब जिले के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में भी निर्धारित गुणवत्ता मानकों को मजबूत कर उन्हें राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन की दिशा में आगे बढ़ाना है।
सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल ने कहा कि इस उपलब्धि का अंतिम उद्देश्य केवल प्रमाणपत्र प्राप्त करना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक मरीज को समय पर, सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना है। विभाग इसी दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।



