18 साल बाद कंचन को मिला जन्म प्रमाण पत्र, ग्रामीण सेवा शिविर में मौके पर हुआ समस्या का समाधान

पाली : सरकारी दस्तावेजों के अभाव में वर्षों से परेशान ग्रामीणों के लिए ग्रामीण सेवा शिविर राहत का माध्यम बन रहे हैं। इसी क्रम में पंचायत समिति पाली की ग्राम पंचायत वडेरावास में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर (फॉलोअप) के दौरान एक ऐसा प्रकरण सामने आया, जिसका समाधान मौके पर ही कर दिया गया। जन्म के 18 वर्ष बाद कंचन पुत्री पुनाराम को उसका जन्म प्रमाण पत्र जारी किया गया।
जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन उपलब्ध नहीं होने के कारण कंचन को लंबे समय से विभिन्न जरूरी कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। प्रमाण पत्र के अभाव में उसके कई महत्वपूर्ण कार्य अटके हुए थे। परिवार की ओर से दस्तावेज उपलब्ध कराने को लेकर लंबे समय से प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया था।
ग्रामीण सेवा शिविर (फॉलोअप) के दौरान कंचन एवं उसके परिजनों ने जन्म प्रमाण पत्र से जुड़ी समस्या अधिकारियों के सामने रखी। प्रकरण की जानकारी मिलते ही संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक प्रक्रिया शुरू की।
शिविर में ही संबंधित रिकॉर्ड एवं दस्तावेजों की जांच की गई और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करवाई गईं। प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद कंचन का जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया।
जन्म प्रमाण पत्र मिलने के बाद कंचन और उसके परिवार को बड़ी राहत मिली। वर्षों से लंबित दस्तावेज मिलने से अब कंचन के वे जरूरी कार्य भी आगे बढ़ सकेंगे, जो प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं होने के कारण अटके हुए थे।
परिजनों ने बताया कि जन्म प्रमाण पत्र उनके लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है और इसके अभाव में उन्हें लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। शिविर में अधिकारियों द्वारा मामले का त्वरित निस्तारण किए जाने से परिवार ने राहत की सांस ली।
ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित किए जा रहे सेवा शिविरों का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान करना और पात्र लोगों को सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है। वडेरावास में कंचन के मामले का मौके पर समाधान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण रहा।
शिविर में अधिकारियों एवं कार्मिकों द्वारा प्रकरण की तत्काल जांच कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने से 18 वर्ष से लंबित जन्म प्रमाण पत्र का मामला कुछ ही समय में निस्तारित हो गया।
जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त होने के बाद कंचन एवं उसके परिजनों ने समस्या के त्वरित समाधान के लिए राज्य सरकार, मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। परिवार ने कहा कि शिविर के माध्यम से उन्हें बिना अनावश्यक परेशानी के महत्वपूर्ण दस्तावेज प्राप्त हो गया।
ग्रामीण सेवा शिविर के माध्यम से वर्षों से लंबित प्रकरणों के समाधान से ग्रामीणों को सरकारी सेवाएं अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध हो रही हैं, जिससे आमजन को कार्यालयों के चक्कर लगाने से भी राहत मिल रही है।



