पाली में किशोर स्वास्थ्य को लेकर तीन दिवसीय विशेष अभियान शुरू, स्कूलों में पहुंचकर होगी स्वास्थ्य जांच और काउंसलिंग

पाली : किशोर-किशोरियों के स्वास्थ्य, पोषण और मानसिक मजबूती को लेकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग पाली ने तीन दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। अंतरराष्ट्रीय किशोर (युवा) दिवस के अवसर पर 11 से 13 अगस्त तक जिलेभर में चलने वाले इस अभियान के तहत राजकीय विद्यालयों से लेकर उजाला केंद्रों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में किशोर स्वास्थ्य से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
अभियान के पहले दिन जिले के विभिन्न क्षेत्रों में किशोर-किशोरियों के लिए स्वास्थ्य जागरूकता सत्र, संवाद कार्यक्रम, स्वास्थ्य जांच शिविर, व्यक्तिगत परामर्श और स्वच्छता जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। बड़ी संख्या में किशोर-किशोरियों ने इन कार्यक्रमों में भाग लेकर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त की।
अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें विभिन्न राजकीय विद्यालयों में पहुंचीं और किशोर-किशोरियों के साथ सीधे संवाद किया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार, व्यक्तिगत स्वच्छता और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में जानकारी दी।
कई स्थानों पर आयोजित स्वास्थ्य जांच शिविरों में हीमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर, दृष्टि, दंत स्वास्थ्य और सामान्य स्वास्थ्य की जांच की गई। जांच के दौरान आवश्यकता पाए जाने पर किशोर-किशोरियों को आगे की चिकित्सा जांच एवं उपचार के लिए उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर भी किया गया।

एडिशनल सीएमएचओ डॉ. जीतकुमार गुर्जर ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य किशोर-किशोरियों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना है। अभियान में एनीमिया की रोकथाम, संतुलित पोषण, मासिक धर्म स्वच्छता, मानसिक स्वास्थ्य, जीवन कौशल, नशे से बचाव तथा लैंगिक एवं प्रजनन स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सही एवं वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि किशोरावस्था जीवन का महत्वपूर्ण चरण है। इस दौरान स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी और उचित मार्गदर्शन मिलने से किशोर-किशोरियां भविष्य में स्वस्थ जीवनशैली अपना सकते हैं।
अभियान के दौरान किशोर-किशोरियों को आयरन एवं फोलिक एसिड की गोलियों के सेवन के महत्व की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही कृमिनाशक दवा के सेवन, पोषण संबंधी व्यवहार में सुधार और एनीमिया से बचाव के उपायों को लेकर भी जागरूक किया जा रहा है।
मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर किशोरियों के साथ विशेष संवाद एवं परामर्श सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि इस विषय से जुड़ी भ्रांतियों को दूर कर उन्हें सुरक्षित एवं स्वस्थ व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सके।

अभियान में केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता दी जा रही है। विभिन्न विद्यालयों में मानसिक तनाव से निपटने, आत्मविश्वास बढ़ाने, जीवन कौशल विकसित करने और सकारात्मक सोच अपनाने को लेकर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया गया।
इसके साथ ही डिजिटल सुरक्षा, मोबाइल एवं सोशल मीडिया के संतुलित उपयोग तथा नशे से बचाव जैसे विषयों पर भी किशोर-किशोरियों के साथ संवाद किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने विद्यार्थियों को समस्याओं को छिपाने के बजाय अभिभावकों, शिक्षकों अथवा स्वास्थ्यकर्मियों से साझा करने के लिए भी प्रेरित किया।
आरसीएचओ डॉ. विजेंद्रपाल सिंह चुंडावत ने बताया कि अभियान के दूसरे दिन 12 अगस्त को जिले के उजाला केंद्रों एवं चयनित चिकित्सा संस्थानों में विशेष किशोर परामर्श शिविर आयोजित किए जाएंगे।
इन शिविरों में किशोर-किशोरियों को मानसिक स्वास्थ्य, जीवन कौशल, लैंगिक एवं प्रजनन स्वास्थ्य, पोषण, एनीमिया नियंत्रण, तनाव प्रबंधन और नशा मुक्ति सहित विभिन्न विषयों पर चिकित्सकों एवं काउंसलरों द्वारा परामर्श दिया जाएगा।
शिविरों में इंटरैक्टिव सत्र, प्रश्नोत्तर कार्यक्रम और गोपनीय व्यक्तिगत परामर्श की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे किशोर-किशोरियां बिना संकोच अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर विशेषज्ञों से चर्चा कर सकें।

डिप्टी सीएमएचओ डॉ. वेदान्त गर्ग ने बताया कि अभियान के अंतिम दिन 13 अगस्त को विभिन्न विभागों के समन्वय से व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान पोस्टर प्रतियोगिता, स्लोगन लेखन, निबंध प्रतियोगिता, रोल प्ले, समूह चर्चा, रैली, जनसंवाद तथा पोषण एवं स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे।
उन्होंने बताया कि अभियान का उद्देश्य किशोर-किशोरियों को केवल स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देना ही नहीं, बल्कि उन्हें अपनी सेहत को लेकर निर्णय लेने में सक्षम बनाना और स्वस्थ, सुरक्षित एवं सशक्त भविष्य के लिए तैयार करना है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियान को जिले के अधिक से अधिक विद्यालयों और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें किशोर-किशोरियों को स्वास्थ्य सेवाओं, परामर्श एवं जांच सुविधाओं से जोड़ने के साथ-साथ अभिभावकों और शिक्षकों को भी किशोर स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील बनाने पर जोर दे रही हैं।
तीन दिवसीय अभियान के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि किशोरावस्था से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान हो, जरूरतमंद किशोर-किशोरियों को उपचार एवं परामर्श मिले और जिले में किशोर स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता का मजबूत वातावरण तैयार हो।



