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सादड़ी में स्वच्छता महोत्सव की धूम, विद्यार्थियों ने चित्रों और भाषणों से दिखाया विकसित राजस्थान का सपना, कचरा प्रबंधन का दिया संदेश

पाली : नगरपालिका सादड़ी की ओर से स्वच्छता महोत्सव एवं ‘विकसित भारतदृजनसेवा अभियान’ के तहत शुक्रवार को शहर में विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आमजन को स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा। इस दौरान विद्यार्थियों ने रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से स्वच्छ एवं विकसित भारत और राजस्थान की तस्वीर प्रस्तुत की।

स्वच्छता महोत्सव के तहत राजकीय विद्यालय में ‘मेरे सपनों का भारत’ एवं ‘विकसित राजस्थान’ विषय पर चित्रकला, भाषण और निबंध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी कल्पनाओं एवं विचारों को चित्रों, लेखन और भाषण के माध्यम से सामने रखा।

विद्यार्थियों ने अपने चित्रों और विचारों में स्वच्छ शहर, बेहतर पर्यावरण, शिक्षा, विकास, हरित राजस्थान तथा राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को यह संदेश दिया गया कि देश और प्रदेश के विकास में युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका है।

इसी क्रम में हैप्पी किड्स माध्यमिक विद्यालय, सादड़ी में विद्यार्थियों के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। नगरपालिका कार्मिकों ने विद्यार्थियों को कचरे के उचित निस्तारण और घर एवं विद्यालय स्तर पर कचरा अलग-अलग रखने की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी।

विद्यार्थियों को समझाया गया कि कचरे को खुले में या सड़क किनारे नहीं फेंकना चाहिए। घरों और संस्थानों से निकलने वाले कचरे को निर्धारित श्रेणियों में अलग-अलग रखकर उसका उचित निस्तारण किया जाना चाहिए। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दीं।

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को कचरे के पृथक्करण की जानकारी देते हुए बताया गया कि गीले, सूखे तथा अन्य प्रकार के कचरे को अलग-अलग रखना स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए जरूरी है। विद्यार्थियों को अपने घरों में भी परिजनों को कचरा अलग-अलग रखने के लिए प्रेरित करने की अपील की गई।

कार्यक्रम में 3R—Reduce, Reuse और Recycle की अवधारणा को भी समझाया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि अनावश्यक वस्तुओं के उपयोग को कम करना, उपयोगी वस्तुओं का दोबारा इस्तेमाल करना और पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को अलग रखना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

कार्यक्रम में सिंगल यूज प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग से पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में भी जानकारी दी गई। विद्यार्थियों से प्लास्टिक की थैलियों और अन्य एकल उपयोग वाली प्लास्टिक सामग्री के स्थान पर पर्यावरण के अनुकूल विकल्प अपनाने का आह्वान किया गया।

नगरपालिका की ओर से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता केवल नगरपालिका की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से ही शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है। विद्यार्थियों को अपने घर, विद्यालय और आसपास के क्षेत्र में साफ-सफाई रखने तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की गई।

कार्यक्रम के दौरान ‘स्वच्छता हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है’ का संदेश प्रमुखता से दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर पर कचरा निर्धारित स्थान पर डाले, गीले-सूखे कचरे को अलग रखे और प्लास्टिक के उपयोग को कम करे तो स्वच्छता अभियान को प्रभावी बनाया जा सकता है।

नगरपालिका की ओर से आमजन से भी अपील की गई कि वे स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित न रखते हुए इसे अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। सामूहिक प्रयासों से ही सादड़ी को स्वच्छ, सुंदर और बेहतर शहर के रूप में विकसित किया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान नगरपालिका के अधिशाषी अधिकारी नीलकमल सिंह, प्रारूपकार विशाल सिंह भाटी, कनिष्ठ तकनीकी सहायक लक्ष्मी प्रजापत, सफाई निरीक्षक राकेश माली, एसबीएम एमआईएस मैनेजर सुनील बिश्नोई एवं श्रीमती चंचल त्रिवेदी सहित सादड़ी के आमजन, विद्यार्थी एवं नगरपालिका के समस्त कार्मिक उपस्थित रहे।

नगरपालिका की ओर से आयोजित इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने के साथ ही उन्हें अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।

Rajasthan Today

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