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शिक्षा के सहयोगियों का सम्मान, पाली में भामाशाहों और प्रेरकों को मिली ‘शिक्षा श्री’ की उपाधि, पर्यावरण संरक्षण का भी दिया संदेश

पाली : शिक्षा के क्षेत्र में जनसहभागिता और सामाजिक सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को पीएम श्री बांगड़ राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, पाली में भामाशाह एवं प्रेरक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। निदेशक, प्रारम्भिक शिक्षा, बीकानेर के निर्देशानुसार जिला शिक्षा अधिकारी, प्रारम्भिक शिक्षा, पाली के तत्वावधान में आयोजित इस समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सहयोग देने वाले भामाशाहों एवं प्रेरकों का सम्मान किया गया।

समारोह में राज्य स्तर पर सम्मानित भामाशाह नरेन्द्र एम. पोरवाल एवं सुशील मगराज जैन के प्रतिनिधि भरत कुमार मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कलेक्टर प्रतिनिधि एवं मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी देवाराम प्रजापत ने की। शिक्षाविद् राहुल कुमार राजपुरोहित सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, शहरी संकुल केन्द्र प्रभारी एवं पंचायत प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी भी समारोह में उपस्थित रहे।

समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग प्रदान करने वाले भामाशाहों एवं प्रेरकों को सम्मानित किया गया। अतिथियों ने सम्मानित व्यक्तियों को उपरना, माला, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें ‘शिक्षा श्री’ की उपाधि से सम्मानित किया गया।

समारोह में वक्ताओं ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के लिए बेहतर सुविधाओं के विकास में समाज की भागीदारी महत्वपूर्ण है। भामाशाहों और प्रेरकों की ओर से किए जाने वाले सहयोग से विद्यालयों में आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के साथ विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण देने में मदद मिलती है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी देवाराम प्रजापत ने शिक्षा के क्षेत्र में समाज के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल सरकारी विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता से शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकता है।

उन्होंने भामाशाहों एवं प्रेरकों द्वारा शिक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सहयोग से विद्यालयों और विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलता है। समाज के सक्षम लोगों को शिक्षा के विकास में आगे आकर योगदान देने के लिए प्रेरित करना भी इस तरह के आयोजनों का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी तेज सिंह पंवार ने अतिथियों एवं उपस्थित लोगों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मान समारोह शिक्षा में जनसहभागिता को प्रोत्साहित करने के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए योगदान देने वाले दानदाताओं एवं प्रेरकों को पहचान दिलाने का काम करते हैं।

उन्होंने कहा कि भामाशाहों द्वारा विद्यालयों एवं विद्यार्थियों के हित में किया गया सहयोग समाज के लिए प्रेरणादायी है। शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग करने वाले लोगों को सम्मानित करने से अन्य लोग भी शिक्षा के विकास से जुड़ने के लिए प्रेरित होते हैं।

सम्मान समारोह के दौरान शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम में ‘पेड़ लगाओ, पानी बचाओ एवं पॉलिथीन हटाओ’ का आह्वान करते हुए उपस्थित लोगों एवं विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम की खास बात यह रही कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए समारोह में पॉलिथीन का उपयोग नहीं किया गया। आयोजकों ने लोगों को प्लास्टिक एवं पॉलिथीन के बढ़ते उपयोग से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान के प्रति जागरूक करते हुए इसके स्थान पर पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने का संदेश दिया।

समारोह के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि सरकारी विद्यालयों के विकास में समाज की भागीदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। भामाशाहों और प्रेरकों का सहयोग विद्यार्थियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने के साथ-साथ शिक्षा के प्रति समाज में जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करता है।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अधिकारियों एवं अतिथियों ने शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले सभी भामाशाहों एवं प्रेरकों का आभार व्यक्त किया। समारोह में शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों एवं कार्मिकों ने भी शिक्षा के विकास और जनसहभागिता को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया।

Rajasthan Today

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