मानपुरा भाखरी स्कूल में बालिकाओं को बताए अधिकार और सुरक्षा के उपाय

पाली : महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक भागीरथ के निर्देशानुसार महिला जागरूकता एवं सुरक्षा अभियान के तहत मंगलवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मानपुरा भाखरी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को महिला एवं बालिका सुरक्षा, उनके कानूनी अधिकार, उपलब्ध सहायता सेवाओं के साथ पोषण एवं एनीमिया से बचाव को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें संकट या परेशानी की स्थिति में उपलब्ध सहायता तंत्र से जोड़ना रहा।
कार्यक्रम के दौरान सखी वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रबंधक देवी बामणिया ने उत्पीड़ित एवं संकटग्रस्त महिलाओं के लिए संचालित ‘सहयोग भी, सम्मान भी’ पहल के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बालिकाओं को बताया कि किसी भी प्रकार की परेशानी, उत्पीड़न या संकट की स्थिति में चुप रहने के बजाय उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी लेकर जरूरत के अनुसार मदद प्राप्त की जा सकती है। इस दौरान बालिकाओं को सुरक्षा, परामर्श और सहायता से संबंधित विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पाली मुख्यालय से हेड पीएलवी मांगीलाल तंवर ने बालिकाओं को कानूनी अधिकारों और विभिन्न विधिक प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने लालसा हेल्पलाइन नंबर 15100, बालिका शिक्षा, शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009, पीड़ित प्रतिकर स्कीम-2011, बाल विवाह तथा लोक अदालत से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
उन्होंने छात्राओं को अपने अधिकारों को समझने और किसी भी समस्या की स्थिति में उचित माध्यम से सहायता लेने के लिए प्रेरित किया। साथ ही बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में पन्नाधाय सुरक्षा सम्मान केंद्र की परामर्शदाता माया चारण एवं उर्मिला कुमारी ने पोषण एवं एनीमिया अभियान के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बालिकाओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व के बारे में बताया।
बालिकाओं को एनीमिया से बचाव के लिए आयरन युक्त खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करने, नियमित रूप से स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और पौष्टिक आहार लेने के लिए प्रेरित किया गया। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करने और आवश्यकता पड़ने पर उचित परामर्श लेने की बात भी कही गई।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के साथ उनका स्वास्थ्य भी महत्वपूर्ण है। अधिकारों और कानूनों की जानकारी होने से बालिकाएं विपरीत परिस्थितियों में उचित कदम उठा सकती हैं, वहीं पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता उन्हें स्वस्थ जीवन की ओर आगे बढ़ाने में मदद करती है।
कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं को यह संदेश दिया गया कि किसी भी प्रकार की परेशानी या उत्पीड़न की स्थिति में समस्या को छिपाने के बजाय विश्वसनीय व्यक्ति और उपलब्ध सहायता सेवाओं से संपर्क करना चाहिए।
जागरूकता कार्यक्रम में विद्यालय के कार्यक्रम प्रभारी रामलाल, स्टाफ सदस्य सुखदेव पालीवाल सहित छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने महिला सुरक्षा, कानूनी अधिकार, पोषण और स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर जानकारी प्राप्त की।
महिला जागरूकता एवं सुरक्षा अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान, स्वास्थ्य और अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ जरूरतमंदों को उपलब्ध सहायता सेवाओं से जोड़ना रहा।



