बाल नशे की रोकथाम को लेकर प्रशासन सख्त, स्कूलों में 100 फीसदी प्रहरी क्लब बनाने के निर्देश

पाली : बच्चों और किशोरों को नशे की गिरफ्त से दूर रखने तथा बाल संरक्षण से जुड़े कानूनों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने को लेकर जिला प्रशासन ने विभिन्न विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. बजरंग सिंह की अध्यक्षता में उनके चैंबर में एनसीपीसीआर के ज्वाइंट एक्शन प्लान ‘एक युद्ध नशे के विरुद्ध’ की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित हुई।
बैठक में बाल संरक्षण, बाल विवाह, बाल श्रम, बाल नशा मुक्ति और बच्चों से जुड़े विभिन्न कानूनों की पालना के साथ जागरूकता गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को लंबित कार्यों को गति देने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
अतिरिक्त जिला कलक्टर ने शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए जिले के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में कक्षा 6 से 12 तक शत-प्रतिशत प्रहरी क्लब गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से क्लब गठन की रिपोर्ट तत्काल भेजने को कहा।
उन्होंने कहा कि प्रहरी क्लब से जुड़े विद्यार्थियों को विद्यालय परिसर के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री और वितरण को रोकने के प्रति जागरूक किया जाए। विशेष रूप से विद्यालय परिसर के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू, शराब आदि नशीले पदार्थों के वितरण की रोकथाम को लेकर विद्यार्थियों में जागरूकता विकसित करने पर जोर दिया गया।
बैठक में चिकित्सा एवं पुलिस विभाग को COTPA Act, 2003 तथा एनसीपीसीआर के निर्देशों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को बच्चों को नशीले पदार्थों से बचाने के लिए आवश्यक कार्रवाई के साथ जागरूकता गतिविधियों को भी मजबूत करने के लिए कहा गया।

बैठक में जिला बाल संरक्षण इकाई और बाल कल्याण समिति के कार्यों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही किशोर न्याय बोर्ड, राजकीय बाल देखरेख संस्थान, राजकीय सम्प्रेक्षण एवं किशोर गृह, विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण एजेंसी, 24×7 चाइल्ड हेल्पलाइन यूनिट सहित पुलिस, शिक्षा, चिकित्सा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, आबकारी, औषधि नियंत्रण और श्रम विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली गई।
अधिकारियों से किशोर न्याय अधिनियम, पॉक्सो अधिनियम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, बाल श्रम एवं बाल नशा मुक्ति की रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों और जागरूकता कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई।
बाल अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक डॉ. टीना अरोड़ा ने विभागीय प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि राजकीय विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण एजेंसी, पाली द्वारा केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण, नई दिल्ली के केयरिंग पोर्टल एवं वर्तमान मिशन वात्सल्य पोर्टल पर दर्ज बच्चों के दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया की जा रही है।
दत्तक ग्रहण आवेदनों की जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा समीक्षा के बाद उन्हें जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026 में अब तक दो शिशुओं के अंतरदेशीय दत्तक ग्रहण के आदेश जारी किए गए हैं। वहीं देश के भीतर दत्तक ग्रहण प्रक्रिया के तहत भी दो शिशुओं को परिवारों में पुनर्वासित किया गया है। दत्तक ग्रहण के बाद नियमानुसार नियमित फॉलोअप की प्रक्रिया भी की जा रही है।
बैठक में बाल विवाह की रोकथाम के लिए जिले में संचालित जन-जागरूकता कार्यक्रमों, बैठकों और निषेधाज्ञा संबंधी कार्यवाही की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति की रोकथाम के लिए लगातार जागरूकता गतिविधियां संचालित करने तथा विभागीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
औषधि नियंत्रण विभाग की समीक्षा के दौरान जिले में दवा दुकानों के निरीक्षण, आवश्यक अभिलेखों के डिजिटलीकरण और नियमानुसार की जा रही कार्रवाई की प्रगति की जानकारी ली गई। अधिकारियों को संबंधित नियमों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बाल श्रम की रोकथाम को लेकर श्रम विभाग को चाइल्ड लेबर डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स की नियमित मासिक बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, महिला अधिकारिता विभाग, बाल अधिकारिता विभाग और पुलिस विभाग को आपसी समन्वय से बाल संरक्षण, बाल विवाह, बाल नशा मुक्ति एवं बाल श्रम की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान संचालित करने को कहा गया।
बैठक में बजट घोषणा वर्ष 2026-27 की घोषणा संख्या 104 की अनुपालना की भी समीक्षा की गई। इसके तहत राजकीय किशोर गृह, बाल कल्याण समिति एवं किशोर न्याय बोर्ड के कार्यालय भवन निर्माण तथा बाल देखरेख संस्थानों के भवनों के जीर्णोद्धार और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई।
अधिकारियों को निर्माण एवं आधारभूत सुविधा से संबंधित कार्यों में आवश्यक गति लाने के निर्देश दिए गए, ताकि बाल देखरेख संस्थानों में बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयसिंह राठौड़, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष जितेन्द्र परिहार, आबकारी अधिकारी मनोज बिस्सा, सामाजिक न्याय विभाग के उपनिदेशक डॉ. ज्योति प्रकाश अरोड़ा, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. वेदान्त गर्ग, मानव तस्करी विरोधी यूनिट प्रभारी अल्ताफ खान तथा श्रम विभाग से उप श्रम आयुक्त आसकरण मालवीय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट रूप से बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाकर योजनाओं एवं कानूनों की प्रभावी क्रियान्विति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।



