300 बालिकाओं को मिला स्वास्थ्य और पोषण का संदेश, 200 की हुई नेत्र जांच

पाली : बालिकाओं में स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं महिला अधिकारिता विभाग पाली के संयुक्त तत्वावधान में पीएम श्री सेठ मुकुंद चंद बालियां उच्च माध्यमिक विद्यालय में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। उप निदेशक भागीरथ के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में करीब 300 बालिकाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं को एनीमिया की रोकथाम, पोषण, माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
कार्यक्रम में बालिकाओं से संवाद करते हुए उन्हें अपने स्वास्थ्य को लेकर सजग रहने और किसी भी स्वास्थ्य समस्या को छिपाने या झिझकने के बजाय परिवार एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञों से साझा करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में एनीमिया रोकथाम एवं पोषण को लेकर विशेष चर्चा की गई। केंद्र प्रबंधक प्रियंका ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को उनके स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूक बनाकर स्वस्थ एवं सशक्त जीवन के लिए प्रेरित करना है।
बालिकाओं को एनीमिया के कारण, इसके प्रमुख लक्षण और बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि शरीर में आयरन की कमी एनीमिया का एक प्रमुख कारण हो सकती है। इसके लिए दैनिक आहार में आयरन एवं अन्य पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करना जरूरी है।
बालिकाओं को हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, मौसमी फल, गुड़ और चना जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थ नियमित आहार में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया। संतुलित आहार के साथ पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और स्वास्थ्य के प्रति नियमित रूप से जागरूक रहने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम में ममता दाधीच ने बालिकाओं को माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने माहवारी के दौरान स्वच्छता बनाए रखने, पौष्टिक आहार लेने और पर्याप्त पानी पीने के महत्व को समझाया।

उन्होंने कहा कि माहवारी को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों और झिझक को दूर करने की जरूरत है। बालिकाओं को अपने स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के बारे में खुलकर बात करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं ने माहवारी, पोषण एवं स्वास्थ्य से जुड़े सवाल भी पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा समाधान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उड़ान योजना के बारे में भी बालिकाओं को जानकारी दी गई। केंद्र प्रबंधक ने उड़ान का अर्थ तथा उड़ान सेंटर के अंतर्गत मिलने वाली पांच प्रमुख सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया। बालिकाओं को उपलब्ध सेवाओं का आवश्यकता के अनुसार लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।
परामर्शदाता उर्मिला की ओर से बालिकाओं में एनीमिया रोकथाम एवं पोषण विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में बालिकाओं से स्वास्थ्य, पोषण एवं एनीमिया से जुड़े सवाल पूछे गए।
सही उत्तर देने वाली बालिकाओं को प्रोत्साहित करते हुए अवार्ड एवं पुरस्कार प्रदान किए गए। प्रतियोगिता के माध्यम से बालिकाओं ने स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़ी जानकारियों को रोचक तरीके से समझा।
कार्यक्रम के दौरान खुशबू, जितेंद्र बांगड़ एवं स्प्रिट अस्पताल के सहयोग से बालिकाओं के लिए नेत्र जांच शिविर भी लगाया गया। शिविर में चिकित्सकीय टीम ने करीब 200 बालिकाओं की आंखों की जांच की।
बालिकाओं को नेत्र स्वास्थ्य के साथ पोषणयुक्त भोजन के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्हें आंखों को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित एवं पोषक आहार लेने और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर समय पर जांच करवाने के लिए जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं के साथ सीधे संवाद किया गया। पोषण, एनीमिया, माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। बालिकाओं ने अपनी जिज्ञासाएं और सवाल साझा किए, जिनका विशेषज्ञों एवं कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों ने समाधान किया।
केंद्र प्रबंधक ने बालिकाओं को स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता के प्रति हमेशा सजग रहने तथा स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या को बिना झिझक साझा करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य पुनीत शर्मा, प्रतिभा पाटिल, अध्यापिका किरण सहित विद्यालय स्टाफ मौजूद रहा। कार्यक्रम में करीब 300 बालिकाओं ने भाग लेकर स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़ी जानकारी प्राप्त की। आयोजन का उद्देश्य बालिकाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें अपने खान-पान, स्वच्छता और व्यक्तिगत स्वास्थ्य को लेकर जिम्मेदार बनाना रहा।



