स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के साथ प्लास्टिक से दूरी जरूरी, स्काउट-गाइड सेमिनार में पर्यावरण संरक्षण का संदेश

पाली। राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड जिला मुख्यालय पाली के तत्वावधान में पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रम के तहत स्वस्थ जीवन शैली विषय पर सेमिनार का आयोजन राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कानावास में किया गया। कार्यक्रम में स्काउट-गाइड एवं विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए स्वस्थ जीवनशैली, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े विषयों पर अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
सेमिनार के दौरान विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में स्वस्थ आदतों को अपनाने के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनने का संदेश दिया। कार्यक्रम में प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग से पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को लेकर भी विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं पर्यावरणविद् बद्रीनारायण शर्मा ने प्लास्टिक से होने वाले नुकसान और इसके मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को प्लास्टिक के अनावश्यक उपयोग से बचने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यक्तिगत स्तर पर जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता से ही पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सकता है। विद्यार्थियों को छोटी-छोटी अच्छी आदतों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रोहट जयदेव चारण ने स्काउट-गाइड से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्काउट-गाइड शिविरों में अपनाई जाने वाली अनुशासित दिनचर्या, नियमित गतिविधियां और समय प्रबंधन जैसी आदतों को दैनिक जीवन में भी आत्मसात किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, स्वच्छता, नियमित दिनचर्या और स्वस्थ आदतों के माध्यम से बेहतर जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।

सीओ गाइड डिंपल दवे ने पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रम के तहत आयोजित किए जाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवन शैली के साथ-साथ नशा मुक्ति, पर्यावरण संरक्षण, यातायात सुरक्षा, सौर ऊर्जा एवं ऊर्जा संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के माध्यम से इन जागरूकता संदेशों को परिवार और समाज तक पहुंचाने का भी प्रयास किया जा रहा है।
सीओ स्काउट गोविन्द मीना ने बताया कि स्वस्थ जीवन शैली विषय पर आयोजित सेमिनार के साथ विभिन्न रचनात्मक एवं जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की गईं। इनमें निबंध लेखन, साइकिल रैली, चित्रकला प्रतियोगिता और स्लोगन प्रतियोगिता प्रमुख रही।
इन प्रतियोगिताओं में स्काउट-गाइड सहित विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यक्रम में 200 से अधिक प्रतिभागियों ने सहभागिता की। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेश प्रस्तुत किए।
प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें पर्यावरण संरक्षण एवं स्वस्थ जीवनशैली से जुड़े अभियानों में लगातार भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन स्थानीय संघ रोहट के सचिव दौलत सिंह के निर्देशन में किया गया। आयोजन के दौरान स्काउट-गाइड, शिक्षक एवं विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि स्वस्थ जीवनशैली केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वच्छ पर्यावरण, नशामुक्त समाज, ऊर्जा संरक्षण और सुरक्षित यातायात जैसी जिम्मेदारियों से भी इसका सीधा संबंध है। कानावास में आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में पर्यावरण एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।



