सखी वन स्टॉप सेंटर पहुंचकर व्यवस्थाओं का लिया जायजा, पीड़ित महिलाओं की सहायता में संवेदनशीलता बरतने के निर्देश

पाली : राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला न्यायाधीश श्री विक्रम सिंह भाटी ने गुरुवार को राजकीय बांगड़ चिकित्सालय, पाली में संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र पर उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए महिला हिंसा से प्रभावित पीड़ित महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सेवाओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान सचिव भाटी ने वन स्टॉप सेंटर में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं, पीड़ित महिलाओं के लिए की जा रही व्यवस्थाओं और केंद्र में संधारित रिकॉर्ड का अवलोकन किया। उन्होंने केंद्र में मौजूद कार्मिकों से संवाद कर यहां आने वाली पीड़िताओं को किस प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, इसकी जानकारी भी प्राप्त की।
सचिव ने केंद्र पर पीड़ित महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधा, कानूनी सहायता, परामर्श एवं अस्थायी आश्रय सहित विभिन्न सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने केंद्र के कर्मचारियों से पीड़ित महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए अपनाई जा रही प्रक्रिया के संबंध में भी चर्चा की।
उन्होंने निर्देश दिए कि महिला हिंसा से प्रभावित प्रत्येक पीड़िता को उसकी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए त्वरित, संवेदनशील और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने विशेष रूप से पीड़ित महिलाओं की पहचान और व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता बनाए रखने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान सचिव भाटी ने काउंसलिंग प्रक्रिया को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीड़ित महिलाओं की स्थिति को समझते हुए उन्हें हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाए और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए।
उन्होंने निर्देशित किया कि यदि किसी पीड़िता को कानूनी सहायता की आवश्यकता है तो उसे निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को आवेदन प्रेषित किया जाए, ताकि संबंधित महिला को आवश्यक कानूनी सहयोग समय पर मिल सके।

निरीक्षण के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने वन स्टॉप सेंटर में संधारित किए जा रहे विभिन्न रजिस्टरों एवं पत्रावलियों का भी अवलोकन किया। उन्होंने रिकॉर्ड में दर्ज प्रकरणों और केंद्र की ओर से की जा रही कार्रवाई की जानकारी ली।
उन्होंने केंद्र की व्यवस्थाओं एवं रिकॉर्ड संधारण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए तथा लंबित मामलों में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
सचिव भाटी के निरीक्षण के दौरान वन स्टॉप सेंटर से संबंधित गत माह के आंकड़ों का भी संकलन किया गया। केंद्र में आने वाली पीड़ित महिलाओं को उपलब्ध कराई गई सेवाओं और प्रकरणों से संबंधित जानकारी का अवलोकन किया गया।
उन्होंने कहा कि वन स्टॉप सेंटर महिला हिंसा से प्रभावित महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण सहायता केंद्र के रूप में कार्य करता है। ऐसे में यहां आने वाली प्रत्येक महिला को सुरक्षित वातावरण, आवश्यक सेवाएं और विधिक सहायता उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों एवं कार्मिकों को पीड़ित महिलाओं की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने तथा उन्हें उपलब्ध सुविधाओं और कानूनी अधिकारों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए।



