रामासिया पुनर्वास गृह में बच्चों की सुविधाओं का लिया जायजा, सचिव विक्रम सिंह भाटी ने दिए जरूरी निर्देश

पाली : राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पाली के सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश विक्रम सिंह भाटी ने ऋद्धि सिद्धि सेवा संस्थान द्वारा संचालित मानसिक विमंदित पुनर्वास गृह, रामासिया का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुनर्वास गृह में रह रहे बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और संस्थान की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान सचिव विक्रम सिंह भाटी ने संस्थान में भोजन एवं पेयजल व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था, पुनर्वास प्रक्रिया तथा अभिलेखों के संधारण सहित विभिन्न व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने संस्थान में रह रहे बच्चों की दैनिक आवश्यकताओं तथा उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में भी जानकारी ली। इस दौरान केयरटेकर निधि सागर ने बताया कि पुनर्वास गृह में मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों के लिए आवास, भोजन, शिक्षण एवं योग की सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।

केयरटेकर ने बताया कि पुनर्वास गृह में रहने वाले बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें संतुलित एवं पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाता है। बच्चों की दैनिक जरूरतों के साथ उनकी शिक्षा और शारीरिक गतिविधियों पर भी ध्यान दिया जाता है।
सचिव भाटी ने संस्थान में उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण करते हुए यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी बच्चों तक आवश्यक सुविधाओं की पहुंच सुगम बनी रहे।
सचिव विक्रम सिंह भाटी ने बच्चों की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को गंभीरता से लेते हुए समय-समय पर चिकित्सकीय जांच करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार आवश्यक चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराना जरूरी है।
उन्होंने बच्चों की रुचि और क्षमता को ध्यान में रखते हुए विभिन्न गतिविधियां करवाने तथा उनके सर्वांगीण विकास के लिए अनुकूल वातावरण बनाए रखने पर भी जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान सचिव ने मौसम में होने वाले बदलावों को ध्यान में रखते हुए बच्चों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुनर्वास गृह में रहने वाले बच्चों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और उनकी दैनिक आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवस्थाएं उपलब्ध रहें।
उन्होंने बच्चों को उपलब्ध सुविधाओं तक उनकी आसान पहुंच सुनिश्चित करने के साथ संस्थान के रिकॉर्ड और व्यवस्थाओं को भी व्यवस्थित रखने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

आगामी दिनों में मनाए जाने वाले विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर सचिव भाटी ने इसके महत्व के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों तथा उनके लिए उपलब्ध सहायता व्यवस्थाओं की जानकारी समाज तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई।
निरीक्षण के दौरान सचिव ने मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों के लिए विधिक सेवाएं योजना, 2024 के संबंध में जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने मेंटल हेल्थकेयर एक्ट, 2017 तथा नालसा पोर्टल के संबंध में भी उपस्थित लोगों को अवगत कराया।
उन्होंने मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों को उपलब्ध कानूनी अधिकारों एवं विधिक सेवाओं के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि जरूरतमंद लोगों तक विधिक सहायता की पहुंच सुनिश्चित करना विधिक सेवा प्राधिकरण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
निरीक्षण के दौरान बच्चों के लिए संचालित पुनर्वास गतिविधियों और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी लेने के साथ सचिव ने संस्थान की व्यवस्थाओं को और अधिक सुगम एवं उपयोगी बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने बच्चों की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा, स्वास्थ्य, योग और मनोरंजक गतिविधियों को निरंतर जारी रखने तथा उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से किए गए इस निरीक्षण में बच्चों के स्वास्थ्य, सुरक्षा, शिक्षा, पुनर्वास और विधिक अधिकारों से जुड़े विभिन्न पहलुओं का जायजा लिया गया।



