वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और अधिकारों पर मंथन, पाली में समिति की बैठक में संगठन से जुड़े मुद्दों पर हुई चर्चा

पाली : वरिष्ठ नागरिक सेवा समिति, जिला शाखा पाली की बैठक मंगलवार को करण सिंह चाली स्थित सभा भवन में जिला अध्यक्ष डॉ. रामलाल मोहबारशा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों के साथ वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े विभिन्न विषयों, उनके अधिकारों, स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति और समाज में उनके योगदान को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक की शुरुआत संगठन संबंधी विषयों पर चर्चा के साथ हुई। समिति के महामंत्री नरपत सिंह कुंपावत ने जानकारी देते हुए बताया कि वरिष्ठ नागरिक सेवा समिति बाली को नगर पालिका की ओर से एक बीघा जमीन आवंटित करने की घोषणा की गई है।
बैठक में मौजूद सदस्यों ने इस घोषणा का स्वागत करते हुए इसे वरिष्ठ नागरिकों के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया। सदस्यों ने उम्मीद जताई कि जमीन उपलब्ध होने से बाली क्षेत्र में वरिष्ठ नागरिकों के लिए संगठनात्मक गतिविधियों और आवश्यक कार्यक्रमों को बेहतर तरीके से संचालित करने में सुविधा मिलेगी।

बैठक के दौरान नाडोल सहित जिले के अन्य क्षेत्रों में वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े संगठनात्मक विषयों पर भी चर्चा हुई। जिला अध्यक्ष ने वरिष्ठजनों से पंचायत समिति, जिला परिषद और सरपंच चुनाव से संबंधित गतिविधियों में आवश्यक सहयोग की अपील की।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज के अनुभवी और मार्गदर्शक वर्ग हैं। उनके अनुभव और सुझाव सामाजिक एवं लोकतांत्रिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
बैठक में विश्व वृद्धजन दिवस के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर पी.एस. राठौड़ ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के योगदान का सम्मान करना, उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उम्र के साथ सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान तलाशना इस दिवस का प्रमुख उद्देश्य है।
उन्होंने कहा कि बुजुर्गों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, सामाजिक उपेक्षा और अन्य चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में समाज की जिम्मेदारी है कि वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान, सुरक्षा और बेहतर जीवन का वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि वरिष्ठ नागरिक केवल परिवार का हिस्सा नहीं, बल्कि समाज के अनुभव और ज्ञान का महत्वपूर्ण स्रोत हैं। उनके जीवन के अनुभव नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शन का काम कर सकते हैं।
वक्ताओं ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को सामाजिक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें सक्रिय और सम्मानजनक जीवन देने के प्रयास किए जाने चाहिए। साथ ही उनके अधिकारों और सुविधाओं को लेकर भी जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर गणपत सिंह दहिया ने कहा कि वर्तमान समय में वृद्धजनों की स्वास्थ्य एवं आर्थिक स्थिति में पहले की तुलना में सुधार देखने को मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि वृद्धाश्रम में रहने के लिए आने वाले लोगों की संख्या में कमी आना सकारात्मक सामाजिक बदलाव का संकेत है।
इस विषय पर हिमताराम फुलवारी और गौतम चंद यति ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों के प्रति परिवार और समाज की जिम्मेदारी, उनके सम्मान तथा बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता पर विचार रखे।

चर्चा के समापन अवसर पर जिला अध्यक्ष डॉ. रामलाल मोहबारशा ने भारतीय जीवन पद्धति और संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय वेद-शास्त्रों में जीवन जीने की ऐसी व्यवस्था और परंपरा देखने को मिलती है, जिसमें संस्कारों और मानवीय मूल्यों को विशेष महत्व दिया गया है।
उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में केवल आर्थिक संपन्नता के बजाय संस्कार निर्माण और पारिवारिक मूल्यों पर भी विशेष ध्यान दिया जाता रहा है। वरिष्ठ नागरिक इन संस्कारों और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
बैठक में मदन लाल व्यास, पी.सी. शाह, अशोक कुमार शर्मा, ओटाराम सोलंकी, धन सिंह बडगूजर, गणेशाराम परमार, सुनील कुमार टॉक, चैन सिंह खींची, विष्णु कुमार गोयल, भीवराज सांखला, रामस्वरूप माली, मुन्ना सिंह, श्रवण कुमार तंवर, लक्ष्मण सिंह गहलोत सहित वरिष्ठ नागरिक समिति के कई सदस्य उपस्थित रहे।
अंत में समिति के महामंत्री नरपत सिंह कुंपावत ने बैठक में पहुंचे सभी सदस्यों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। विभिन्न संगठनात्मक और सामाजिक विषयों पर चर्चा के साथ बैठक का समापन किया गया।



