
पाली : प्रतिभा, मेहनत और लगन के दम पर पाली की बेटी कोएशा श्रीमाली ने राष्ट्रीय स्तर पर शहर का नाम रोशन किया है। चंडीगढ़ स्थित पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पीईसी) के 56वें दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर कोएशा को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया गया। समारोह में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।
कोएशा श्रीमाली पाली के चिकित्सक दंपत्ति डॉ. रोज़ी जोशी और डॉ. शैलेश श्रीमाली की बेटी हैं। शैक्षणिक उपलब्धि के साथ-साथ उन्हें एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में विशेष प्रदर्शन के लिए कल्पना चावला मेमोरियल अवार्ड से भी सम्मानित किया गया। एक ही समारोह में दो प्रतिष्ठित सम्मान हासिल करना उनकी शैक्षणिक प्रतिभा और उपलब्धियों को दर्शाता है।
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, चंडीगढ़ के 56वें दीक्षांत समारोह में कुल 824 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
इसी दौरान कोएशा श्रीमाली को विश्वविद्यालय में प्रथम स्थान हासिल करने पर स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के हाथों सम्मान प्राप्त कर उन्होंने अपने परिवार और पाली शहर को गौरवान्वित किया।
कोएशा श्रीमाली को स्वर्ण पदक के साथ-साथ एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में विशेष उपलब्धियों के लिए कल्पना चावला मेमोरियल अवार्ड भी प्रदान किया गया। यह सम्मान एयरोस्पेस और वैमानिकी इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दिया जाता है। कोएशा को दोनों सम्मान मिलना उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ संबंधित तकनीकी क्षेत्र में उनकी उत्कृष्टता को भी रेखांकित करता है।
कोएशा श्रीमाली पाली के जाने-माने चिकित्सक दंपत्ति डॉ. रोज़ी जोशी और डॉ. शैलेश श्रीमाली की बेटी हैं। उनकी इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है। शहर के लोगों के लिए भी यह गौरव का विषय है कि पाली की बेटी ने चंडीगढ़ के प्रतिष्ठित संस्थान में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपनी पहचान बनाई है।
कोएशा शहर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य सुंदर लाल जोशी और शिक्षाविद् सुरेन्द्र जोशी की दोहित्री भी हैं। उनकी उपलब्धि को परिवार की शैक्षणिक और प्रतिभा-समृद्ध परंपरा के लिए भी गौरवपूर्ण माना जा रहा है।
विश्वविद्यालय में प्रथम स्थान के लिए स्वर्ण पदक और एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में कल्पना चावला मेमोरियल अवार्ड हासिल कर कोएशा श्रीमाली ने अपनी मेहनत और प्रतिभा का परिचय दिया है। उनकी उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणादायक है और यह संदेश देती है कि लगन, निरंतर प्रयास और उत्कृष्टता के प्रति समर्पण से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।



