पाली की डॉ. लता (कनक) अग्रवाल ने नेचुरोपैथी में हासिल की मास्टर ऑफ मेडिसिन की उपाधि

पाली : पोषण एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्यरत डॉ. लता (कनक) अग्रवाल ने एक और शैक्षणिक उपलब्धि हासिल की है। न्यूट्राकेयर डाइट क्लिनिक, पाली की डायरेक्टर एवं क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. लता अग्रवाल ने मुंबई स्थित सफरॉन इंस्टीट्यूट एंड मेडिकल फाउंडेशन से नेचुरोपैथी में मास्टर ऑफ मेडिसिन की उपाधि प्राप्त की है। उनकी इस उपलब्धि को पोषण और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनकी निरंतर शैक्षणिक प्रगति तथा ज्ञान अर्जित करने के प्रति समर्पण के रूप में देखा जा रहा है।
डॉ. लता अग्रवाल पिछले 10 वर्षों से पाली के बापू नगर में न्यूट्राकेयर डाइट क्लिनिक का संचालन कर रही हैं। इस दौरान वे लोगों को संतुलित आहार, पोषण और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करने के साथ विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं में आहार संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप परामर्श प्रदान कर रही हैं।
डॉ. लता अग्रवाल का कार्य लोगों को उनकी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के अनुसार उचित आहार और पोषण की जानकारी उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। वे संतुलित आहार के महत्व को समझाते हुए लोगों को अपनी दिनचर्या में बेहतर खानपान की आदतें अपनाने के लिए प्रेरित करती हैं।
न्यूट्राकेयर डाइट क्लिनिक में विभिन्न बीमारियों और शारीरिक स्थितियों के अनुसार पोषण एवं आहार संबंधी परामर्श दिया जाता है। इनमें लिवर, फेफड़ों, हृदय और किडनी से संबंधित बीमारियों के साथ ऑस्टियोपोरोसिस, गठिया और मोटापे जैसी समस्याएं शामिल हैं। इसके अलावा किशोरावस्था में होने वाले मधुमेह तथा गर्भावस्था के दौरान थायरॉइड संबंधी समस्याओं में भी आहार एवं पोषण से जुड़े मार्गदर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
नेचुरोपैथी में मास्टर ऑफ मेडिसिन की उपाधि प्राप्त करने से पहले डॉ. लता (कनक) अग्रवाल ने मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर के कॉलेज ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड साइंस से फूड, न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स विषय में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की थी। पोषण विज्ञान से जुड़ी उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और इस क्षेत्र में एक दशक का अनुभव उनके कार्य को विशेष पहचान देता है।
आज की जीवनशैली में संतुलित खानपान और पोषण के प्रति जागरूकता का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में लोगों को उनकी व्यक्तिगत जरूरतों और स्वास्थ्य संबंधी स्थितियों के अनुरूप आहार की जानकारी देना महत्वपूर्ण है। डॉ. लता अग्रवाल पिछले एक दशक से इसी दिशा में कार्य करते हुए लोगों को पोषण के प्रति जागरूक बनाने और आहार संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने में जुटी हैं।
नेचुरोपैथी में मास्टर ऑफ मेडिसिन की उपाधि उनकी शैक्षणिक यात्रा में एक नई उपलब्धि है। पोषण एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके अनुभव और निरंतर अध्ययन से उनकी विशेषज्ञता को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।



