12 नवंबर को जारी होगी मतदाता सूची की प्रारूप सूची, 11 दिसंबर तक दर्ज करा सकेंगे दावे-आपत्तियां

पाली : भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत मतदाता सूचियों को शुद्ध, त्रुटिरहित एवं अद्यतन बनाने की प्रक्रिया जारी है। इस अभियान के माध्यम से जहां पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने का अवसर मिलेगा, वहीं पहले से दर्ज नाम, पते एवं अन्य विवरणों में किसी प्रकार की त्रुटि होने पर नियमानुसार संशोधन भी करवाया जा सकेगा। निर्वाचन विभाग की ओर से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगामी 12 नवंबर को एकीकृत मतदाता सूचियों का प्रारूप प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद 11 दिसंबर तक मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी।
निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं उपखंड अधिकारी विमलेन्द्र सिंह राणावत ने बताया कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम को प्रभावी एवं व्यवस्थित ढंग से संपादित करने के लिए निर्वाचन विभाग की टीम पूरी सक्रियता के साथ जुटी हुई है। निर्वाचन से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी, सुपरवाइजर, बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) एवं बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) आपसी समन्वय के साथ अभियान की तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूचियों में पारदर्शिता एवं शुद्धता सुनिश्चित करने के साथ प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना है, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
एसडीएम राणावत ने बताया कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के दौरान ऐसे पात्र युवा एवं नागरिक, जिनका नाम किसी कारणवश मतदाता सूची में दर्ज नहीं हो पाया है, उन्हें मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही मतदाता सूची में पहले से दर्ज नाम, पते एवं अन्य व्यक्तिगत विवरणों में किसी प्रकार की गलती होने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुधार करवाया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि निर्वाचन विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज होने से वंचित नहीं रहे। वहीं अपात्र एवं त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों की नियमानुसार जांच कर उनका निराकरण किया जाएगा। इसके लिए निर्वाचन से जुड़े कार्मिकों को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्य करने तथा आमजन को पुनरीक्षण प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी विमलेन्द्र सिंह राणावत ने बताया कि निर्वाचन विभाग की ओर से विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के लिए विस्तृत समयबद्ध कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। इसके तहत 12 नवंबर को एकीकृत मतदाता सूचियों का प्रारूप प्रकाशन होगा। प्रारूप सूची प्रकाशित होने के बाद नागरिक उसमें अपना नाम एवं अन्य विवरण जांच सकेंगे। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम सूची में नहीं है या किसी प्रकार की त्रुटि दिखाई देती है, तो निर्धारित अवधि में दावा या आपत्ति दर्ज करवाई जा सकेगी।
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का निर्धारित कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा—
12 नवंबर 2026: एकीकृत मतदाता सूचियों का प्रारूप प्रकाशन।
12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026: दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करने की अवधि।
28 दिसंबर 2026 तक: प्राप्त दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण।
4 जनवरी 2027: मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूचियों को अंतिम रूप दिया जाएगा और 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन को लेकर निर्वाचन शाखा की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं एवं तैयारियां की जा रही हैं। संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्धारित समय सीमा में सभी कार्य पूर्ण करने, मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रियाओं में समन्वय बनाए रखने तथा अभियान की जानकारी अधिक से अधिक नागरिकों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्वाचन विभाग की ओर से बूथ स्तर पर बीएलओ, सुपरवाइजर एवं अन्य संबंधित कार्मिकों के माध्यम से मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से संपादित किया जाएगा। साथ ही राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के साथ समन्वय स्थापित कर मतदाता सूची की शुद्धता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
तैयारियों के दौरान सुरेश कुमार व्यास, चुनाव शाखा प्रभारी ललित कुमार दवे, मीडिया प्रभारी विक्रम सिंह परिहार, रमेश अणकिया, अनिल नामा, राजेश कुमार सैन, मनोज रांगी, लोकेश कुमार दवे, अभिषेक सिंह राजपुरोहित पुनायता सहित अन्य निर्वाचन कार्मिक एवं विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।



