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अब घर बैठे जमा होगा पेंशन का जीवन प्रमाण-पत्र, फेस ऑथेंटिकेशन से 320 सेवानिवृत्त रेलकर्मियों को मिली राहत

जोधपुर : पेंशनभोगियों को हर साल जीवन प्रमाण-पत्र जमा कराने के लिए बैंक और सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की परेशानी से राहत मिल रही है। अब डिजिटल तकनीक के माध्यम से सेवानिवृत्त रेलकर्मी घर बैठे ही मोबाइल से अपना जीवन प्रमाण-पत्र जमा कर सकते हैं। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर कार्यशाला में चलाए जा रहे डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र अभियान के तहत अब तक 320 सेवानिवृत्त कर्मचारी इस सुविधा का लाभ उठा चुके हैं।

राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र अभियान 5.0 के अंतर्गत जोधपुर कार्यशाला के बीटीसी हॉल में विशेष मेगा कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों का उद्देश्य पेंशनभोगियों को डिजिटल प्रक्रिया की जानकारी देना और उन्हें घर बैठे जीवन प्रमाण-पत्र जमा करने की सुविधा से जोड़ना है।

मुख्य कारखाना प्रबंधक रवि मीणा के मार्गदर्शन तथा सहायक वित्त सलाहकार रशीद अरशद कादरी और सहायक कार्मिक अधिकारी राधेश्याम चितारा के नेतृत्व में शिविरों का संचालन किया जा रहा है। इस अभियान में भारतीय स्टेट बैंक की यूआईटी और स्टेशन शाखा का भी सहयोग मिल रहा है।

मुख्य कारखाना प्रबंधक रवि मीणा ने शिविर में उपस्थित पेंशनभोगियों को डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र की उपयोगिता और प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के जरिए पेंशनभोगी अपने मोबाइल फोन से ही घर बैठे जीवन प्रमाण-पत्र जमा कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें हर बार बैंक या संबंधित कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी।

डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र की सुविधा से विशेष रूप से बुजुर्ग और ऐसे पेंशनभोगियों को राहत मिल रही है, जिन्हें स्वास्थ्य या अन्य कारणों से बैंक और कार्यालयों तक पहुंचने में परेशानी होती है। मोबाइल के माध्यम से चेहरे की पहचान के जरिए प्रमाण-पत्र जमा करने की प्रक्रिया पूरी होने से पेंशनभोगियों का समय और श्रम दोनों बच रहे हैं।

अभियान के तहत आयोजित मेगा कैंप में पेंशनभोगियों को तकनीक के उपयोग और डिजिटल प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी भी दी जा रही है, ताकि वे भविष्य में स्वयं इस सुविधा का लाभ उठा सकें।

रेलवे कार्यशाला में डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र अभियान पूरे नवंबर माह तक जारी रहेगा। विभाग की ओर से अधिक से अधिक सेवानिवृत्त रेलकर्मियों को इस सुविधा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। अब तक 320 कर्मचारियों को इसका लाभ मिलना अभियान की उपयोगिता को दर्शाता है।

शिविर के आयोजन में लेखा विभाग के वरिष्ठ अनुभाग अधिकारी राजकुमार आसुदानी, वरिष्ठ लेखाकार ज्ञान सिंह गहलोत, सौरभ खंडेलवाल, आशीष जांगिड़ और प्रेम सिंह चौहान सहित एसबीआई की दोनों शाखाओं के कर्मचारियों ने सहयोग किया।

डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र अभियान के माध्यम से रेलवे पेंशनभोगियों को सुविधाजनक और सरल व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे उन्हें वार्षिक जीवन प्रमाण-पत्र जमा कराने की प्रक्रिया में अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिल सके।

Rajasthan Today

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