रेलवे को मिला ‘पीएम सूर्य घर एक्सीलेंस अवार्ड’, देश के 12,495 भवनों पर लगाए रूफटॉप सोलर सिस्टम

जोधपुर : भारतीय रेलवे ने स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। देशभर में 12 हजार से अधिक रेलवे भवनों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित करने के लिए रेल मंत्रालय को ‘पीएम सूर्य घर एक्सीलेंस अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान रेलवे के ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान है।
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो-2026 के दौरान उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रेल मंत्रालय को यह पुरस्कार प्रदान किया। ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में सबसे अधिक भवनों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की श्रेणी में रेलवे को यह सम्मान मिला है।
रेलवे ने देशभर में कुल 15 हजार 868 उपयुक्त भवनों को रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित करने के लिए चिह्नित किया है। इनमें से अब तक 12 हजार 495 भवनों पर सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। इस प्रकार रेलवे के करीब 79 प्रतिशत चिह्नित भवन सौर ऊर्जा से जुड़ चुके हैं।
यह उपलब्धि रेलवे की ओर से बड़े स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा अपनाने के प्रयासों को दर्शाती है। सरकारी भवनों की छतों पर सोलर पैनल स्थापित कर बिजली उत्पादन करने से रेलवे की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है।
रेलवे ने अब तक कुल 351 मेगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता स्थापित कर ली है। विभाग का निर्धारित लक्ष्य 424 मेगावाट क्षमता हासिल करने का है। शेष लक्ष्य को पूरा करने के लिए विभिन्न स्थानों पर सोलर सिस्टम लगाने का कार्य जारी है।
रेलवे की योजना है कि सौर ऊर्जा उत्पादन की क्षमता को लगातार बढ़ाया जाए, ताकि बिजली की जरूरतों का बड़ा हिस्सा स्वच्छ ऊर्जा के माध्यम से पूरा किया जा सके। इससे पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम करने में भी सहायता मिलेगी।
राष्ट्रीय स्तर पर पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 77 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के कुल 39 हजार 135 उपयुक्त भवनों को सोलर सिस्टम लगाने के लिए चिह्नित किया गया है। इनमें से 25 हजार 984 भवनों पर सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित की जा चुकी है।
इस उपलब्धि के साथ रेल मंत्रालय ने केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के बीच सौर ऊर्जा अपनाने के मामले में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। रेलवे को मिला एक्सीलेंस अवार्ड इसी दिशा में किए गए प्रयासों का प्रमाण है।
रेल मंत्रालय ने मार्च 2027 तक शेष सभी उपयुक्त रेलवे भवनों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए चरणबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। लक्ष्य पूरा होने के बाद रेलवे के अधिकांश उपयुक्त भवनों में बिजली की जरूरत रूफटॉप सोलर सिस्टम के माध्यम से पूरी करने की दिशा में बड़ी प्रगति होगी।
रेलवे की यह पहल केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ ऊर्जा व्यवस्था विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। सौर ऊर्जा के अधिक उपयोग से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता घटेगी और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।



