
पाली/जाडन : कृष्ण जन्माष्टमी एवं महामहोपदेशक समीक्षाचक्रवर्ती विद्यावाचस्पति पं. मधुसूदन ओझा की 151वीं जयंती के अवसर पर 17 अगस्त 2025 को ऊँ आश्रम, जाडन (पाली) में भव्य अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं वैदिक संस्कृति आराधना कार्यक्रम का समापन हुआ। यह आयोजन वैदिक संस्कार एवं शिक्षा बोर्ड, राजस्थान सरकार तथा विश्वगुरुदीप आश्रम शोध संस्थान, जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुआ। समारोह में विश्वगुरु महामंडलेश्वर परमहंस स्वामी महेश्वरानंद जी ने आशीर्वचन दिए। साथ ही महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानेश्वरपुरी जी और महामंडलेश्वर स्वामी फुलपुरी जी ने भी प्रेरक उद्बोधन प्रस्तुत किए।

इस अवसर पर राजस्थान सरकार के पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं डॉ. सुरेश गर्ग एवं डॉ. राजकुमार जोशी विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम में मुख्य सारस्वत वक्तव्य वैदिक संस्कार एवं शिक्षा बोर्ड, राजस्थान सरकार के अध्यक्ष प्रो. गणेशीलाल सुथार ने दिया।
ज्ञान भारतम् मिशन संयोजक एवं विश्वगुरु जी के सचिव कपिल अग्रवाल ने जानकारी दी कि अब देवस्थान विभाग एवं वैदिक शिक्षा बोर्ड भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “मिशन ज्ञान भारतम्” के अंतर्गत प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण और संवर्धन का कार्य आगे बढ़ाएंगे। इसके लिए विभागों में अलग से प्रकोष्ठ भी बनाया जाएगा। समारोह में बड़ी संख्या में विदेशी भक्तों ने भी भाग लिया और वैदिक संस्कृति की इस आराधना का दिव्य अनुभव प्राप्त किया।



