DMIC परियोजना में बड़ा कदम, 30 खातेदारों को मिले विकसित भूमि के आरक्षण पत्र, मारवाड़ में औद्योगिक क्रांति की तैयारी तेज

पाली : दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) परियोजना के तहत पाली जिले में औद्योगिक विकास को लेकर बड़ी प्रगति सामने आई है। परियोजना के चरण-बी में भूमि अवाप्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब खातेदारों को विकसित भूमि के आरक्षण पत्र जारी किए जाने शुरू हो गए हैं। गुरुवार को जिला कलक्टर कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में 18 खातेदारों को आरक्षण पत्र सौंपे गए, जबकि 12 अन्य खातेदारों को डाक के माध्यम से पत्र भेजे गए।

जेपीएमआईए की उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनीता पंकज ने बताया कि डीएमआईसी परियोजना के तहत चरण-ए, बी और सी में औद्योगिक विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं। चरण-बी के लिए 1086.4494 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण पूरा किया जा चुका है। प्रभावित खातेदारों को उनकी सहमति के अनुसार विकसित भूमि अथवा नकद मुआवजा प्रदान किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि अब तक 128 खातेदार विकसित भूमि लेने का विकल्प चुन चुके हैं। इन्हें नियमानुसार आरक्षण पत्र जारी किए जा रहे हैं। जिला कलक्टर पाली द्वारा स्वयं इस परियोजना की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि सभी कार्य तय समय में पूरे हो सकें।
रीको के आरएम डी.के. झा ने कहा कि खातेदारों को शीघ्र लाभ पहुंचाने के लिए मुआवजा और भूमि वितरण प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। परियोजना पूरी होने के बाद मारवाड़ क्षेत्र में बड़े स्तर पर उद्योग स्थापित होंगे, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. बजरंग सिंह, जिला परिषद सीईओ मुकेश चौधरी, जेपीएमआईए डिप्टी सीईओ सुनीता प्रकाश सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
डीएमआईसी परियोजना को पाली और मारवाड़ क्षेत्र के लिए औद्योगिक विकास का गेमचेंजर माना जा रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में निवेश, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल सकता है।




