जोधपुर में रेलकर्मियों को कोच-वैगन की तकनीकी बारीकियों का प्रशिक्षण, संरक्षा नियमों पर विशेष जोर

जोधपुर : रेल संचालन को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने के लिए रेलवे कर्मचारियों को तकनीकी जानकारी के साथ-साथ संरक्षा नियमों का लगातार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी क्रम में मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय स्थित कौशल विकास केंद्र में गुरुवार को कोचिंग एवं वैगन से जुड़े तकनीकी और संरक्षा विषयों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों को कोचों की जांच एवं रखरखाव की निर्धारित प्रक्रिया, तकनीकी पहलुओं और सुरक्षित कार्यप्रणाली की जानकारी देना रहा। प्रशिक्षण के माध्यम से कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ रेल संचालन में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।
मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के निर्देशन में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में वरिष्ठ अनुभाग अभियंता एन.एस. रावत ने कर्मचारियों को कोच और वैगन से जुड़े विभिन्न तकनीकी विषयों की जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान अलग-अलग प्रकार के कोचों के साथ आईसीएफ एवं एलएचबी कोच, बोगी, पहिया-धुरा, निलंबन, वायु ब्रेक, ब्रेक प्रणाली और युग्मक सहित करीब 30 महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। कर्मचारियों को तकनीकी उपकरणों और कोच के विभिन्न हिस्सों की कार्यप्रणाली को समझाने के साथ उनकी जांच एवं रखरखाव की प्रक्रिया भी बताई गई।
प्रशिक्षण में कर्मचारियों को बताया गया कि कोच को संचालन में लेने से पहले किन महत्वपूर्ण बिंदुओं की जांच आवश्यक होती है। साथ ही नियमित रखरखाव के दौरान तकनीकी खामियों की पहचान और उन्हें दूर करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
खराबी सामने आने की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करने तथा सुरक्षित संचालन सुनिश्चित होने के बाद ही कोच को उपयोग में लेने पर जोर दिया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में तकनीकी जानकारी के साथ संरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी गई। कर्मचारियों को कार्यस्थल पर संभावित जोखिमों की पहचान करने और निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए कार्य करने के बारे में जानकारी दी गई।
कर्मचारियों को अग्निशमन उपकरणों के सही उपयोग और आपात स्थिति में आवश्यक सावधानियों के बारे में भी बताया गया। इसके अलावा बिजली से संबंधित कार्यों के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रशिक्षण के दौरान पिट लाइन पर कार्य करने वाले कर्मचारियों के लिए निर्धारित सुरक्षा नियमों की जानकारी दी गई। कर्मचारियों को बताया गया कि पिट लाइन जैसे कार्यस्थल पर तकनीकी कार्य करते समय विशेष सतर्कता आवश्यक है।
इसके साथ ही व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) के सही उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई। कर्मचारियों को कार्य की प्रकृति के अनुसार सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करने और सुरक्षा मानकों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच भी की गई। स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परीक्षण के बाद कर्मचारियों को उनकी स्थिति के अनुसार उपचार एवं स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया गया। इस पहल का उद्देश्य कर्मचारियों को कार्यस्थल की सुरक्षा के साथ उनके स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक करना रहा।
रेलवे प्रशासन की ओर से कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता और संरक्षा जागरूकता बढ़ाने के लिए इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। निर्धारित कार्यप्रणाली, तकनीकी ज्ञान और सुरक्षा नियमों की जानकारी को समय-समय पर दोहराने से कर्मचारियों को कार्यस्थल पर बेहतर तरीके से जिम्मेदारियां निभाने में मदद मिलती है।
प्रशिक्षण के माध्यम से कर्मचारियों को तकनीकी दक्षता के साथ सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कार्य करने का संदेश दिया गया, ताकि रेल संचालन को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सके।



