‘युवाओं को दहशतगर्द कहना दुर्भाग्यपूर्ण’, केंद्रीय शिक्षा मंत्री पर भड़के कांग्रेस नेता नरेंद्र शर्मा, मांगा इस्तीफा

जोधपुर : जोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी ओबीसी विभाग के जिलाध्यक्ष नरेंद्र शर्मा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के उस कथित बयान की कड़ी आलोचना की है, जिसमें अभ्यर्थियों को “दहशतगर्द” कहे जाने का उल्लेख सामने आया है। उन्होंने इसे देश के युवाओं और छात्रों का अपमान बताते हुए दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।
नरेंद्र शर्मा ने कहा कि देश में शिक्षा व्यवस्था लगातार गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। पेपर लीक की बढ़ती घटनाएं, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताएं और विशेष रूप से NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में सामने आई गड़बड़ियों ने लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। ऐसे में अपने अधिकारों और पारदर्शी व्यवस्था की मांग कर रहे छात्रों को अपमानजनक शब्दों से संबोधित करना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि देश का युवा अपने भविष्य, रोजगार और निष्पक्ष शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहा है। पेपर लीक और परीक्षा घोटालों के कारण हजारों अभ्यर्थियों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा है, जबकि कई परिवारों ने भारी आर्थिक और भावनात्मक नुकसान झेला है। ऐसे समय में सरकार का दायित्व युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही विफलताओं की नैतिक जिम्मेदारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री को स्वीकार करनी चाहिए। यदि सरकार शिक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करने और युवाओं को न्याय दिलाने में असफल रही है, तो नैतिकता के आधार पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
नरेंद्र शर्मा ने केंद्र सरकार से मांग की कि शिक्षा क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार, पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं पर तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं तथा विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस और पारदर्शी नीति बनाई जाए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और ओबीसी विभाग देश के युवाओं, छात्रों और वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई आगे भी मजबूती से लड़ते रहेंगे तथा शिक्षा व्यवस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



