पाली में बच्चों को ‘गुड टच-बैड टच’ की दी गई जानकारी: स्कूल में पॉक्सो एक्ट और बाल विवाह कानून पर जागरूकता अभियान

पाली : बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर पाली में एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देश पर नालसा जागृति स्कीम के तहत “सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भविष्य” थीम पर एम.एस. कवाड़ इंटरनेशनल स्कूल में विशेष कार्यक्रम हुआ, जिसमें विद्यार्थियों को यौन अपराधों से बचाव, पॉक्सो एक्ट और बाल विवाह कानून की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला न्यायाधीश विक्रम सिंह भाटी ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा समाज और कानून दोनों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने पॉक्सो अधिनियम 2012 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि यह कानून बच्चों को यौन शोषण, छेड़छाड़ और उत्पीड़न से सुरक्षा प्रदान करता है।

उन्होंने विद्यार्थियों को “गुड टच और बैड टच” के बीच का अंतर सरल भाषा में समझाया और कहा कि कोई भी अनुचित व्यवहार या स्पर्श होने पर तुरंत अपने माता-पिता, परिजनों या शिक्षकों को इसकी जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि पॉक्सो एक्ट के तहत दोषियों के लिए कठोर सजा का प्रावधान है।
कार्यक्रम में बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 की जानकारी देते हुए बाल विवाह के दुष्परिणामों पर भी चर्चा की गई। सचिव भाटी ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर गंभीर असर डालता है तथा कई बार घरेलू हिंसा और सामाजिक समस्याओं का कारण बनता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि यदि कहीं बाल विवाह की जानकारी मिले तो तुरंत जिला प्रशासन या विधिक सेवा प्राधिकरण को सूचित करें।

इस दौरान विद्यार्थियों को निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी भी दी गई और बताया गया कि विधिक सेवा प्राधिकरण जरूरतमंद बच्चों और परिवारों को कानूनी मदद उपलब्ध करवाता है।
कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक धीरज भार्गव, व्यवस्थापक महेंद्र, विधिक साक्षरता क्लब प्रभारी हितेश सहित स्कूल स्टाफ मौजूद रहा।



