युवाओं ने जाना मंडी सिस्टम, पाली कृषि मंडी भ्रमण में खरीदी प्रक्रिया और गुणवत्ता जांच की मिली जानकारी

पाली : मेरा युवा भारत पाली एवं रसद विभाग पाली के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को युवाओं के लिए कृषि उपज मंडी पाली का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दूसरे दिन युवाओं को मंडी की कार्यप्रणाली, फसल खरीदी प्रक्रिया और गुणवत्ता परीक्षण की विस्तृत जानकारी दी गई।
मंडी मैनेजर त्रितेष चारण ने बताया कि किसान को सबसे पहले राजस्थान सरकार की क्रय-विक्रय सहकारी समिति में अपने अनाज—जैसे चना—का पंजीकरण करवाना होता है। यह पंजीकरण गांव स्तर पर ई-मित्र केंद्र या स्वयं के माध्यम से किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि एक हेक्टेयर में अधिकतम 10 क्विंटल चना जमा कराया जा सकता है, इस प्रकार एक किसान औसतन 40 क्विंटल तक उपज मंडी में जमा करवा सकता है।

मेरा युवा भारत के लेखा एवं कार्यक्रम पर्यवेक्षक भंवर सिंह राजपुरोहित ने जानकारी दी कि किसानों को मंडी में आने के लिए निर्धारित तिथि दी जाती है और नंबर आने तक उनके ठहरने की भी व्यवस्था रहती है। मंडी में किसानों के सामने ही अनाज की तौल की जाती है, उस पर बारकोड लगाया जाता है और पर्ची दी जाती है। जमा किए गए अनाज का भुगतान 10 से 15 दिनों के भीतर सीधे किसान के खाते में कर दिया जाता है।
कृषि उपज मंडी सचिव भागीरथ प्रजापत ने सरसों की गुणवत्ता जांच के बारे में बताया कि सरसों के दानों को देखकर तेल की मात्रा का अनुमान लगाया जाता है तथा यह भी जांचा जाता है कि कौन-सी फसल तेल उत्पादन के लिए उपयुक्त नहीं है।

कार्यक्रम के दौरान रसद विभाग के पुखराज पटेल और विवेक सिंह ने भी युवाओं को विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी देने में सहयोग किया। भंवर सिंह राजपुरोहित ने युवाओं से अपील की कि वे इस जानकारी को अच्छे से समझें और आगे अन्य लोगों तक भी पहुंचाएं।
इस प्रशिक्षण में लक्ष्मी राजपुरोहित, कुसुम सैन, विक्रम वैष्णव, राणु राव, संपना पंवार, उर्वशी टांक, दिनसिखा, आयुष, हिमेश वर्मा, तरुण, भुवनेश तिवाड़ी, योगेश राजपुरोहित और बन्नेदान रतनु सहित कई युवाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।



