पाली : ‘एक युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान की समीक्षा, बाल संरक्षण व नशा मुक्ति पर सख्त निर्देश

पाली : जिला कलक्टर के निर्देशानुसार मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में ‘एक युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान एवं जिला बाल संरक्षण इकाई की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला कलक्टर ओम प्रभा ने की, जिसमें बाल संरक्षण, नशा मुक्ति और बच्चों से जुड़े कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में जिला बाल संरक्षण इकाई की सहायक निदेशक डॉ. टीना अरोड़ा ने एजेण्डा बिंदुओं को प्रस्तुत करते हुए बताया कि एनसीपीसीआर के निर्देशानुसार बाल नशा मुक्ति के लिए संयुक्त एक्शन प्लान पर काम किया जा रहा है। एडीएम ने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए इस अभियान को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने जिले के सभी औषधि विक्रेताओं की दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, रजिस्टरों के डिजिटलीकरण, स्कूलों में प्रहरी क्लब गठन तथा नशा मुक्ति केंद्रों के संचालन की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही बाल नशा रोकथाम के लिए जागरूकता कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर चलाने पर जोर दिया गया।
बैठक में किशोर न्याय अधिनियम 2015 (संशोधित 2021), पोक्सो एक्ट, बाल श्रम एवं बाल विवाह प्रतिषेध कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। बाल कल्याण समिति के प्रकरणों, लंबित मामलों, पीड़ितों की सहायता, संस्थागत देखरेख, पुनर्वास और दत्तक ग्रहण जैसी योजनाओं की भी समीक्षा की गई।

इसके अलावा मिशन वात्सल्य, पीएम केयर स्पॉन्सरशिप, फोस्टर केयर, आफ्टर केयर योजनाओं तथा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के संचालन, प्राप्त कॉल्स और जनजागरूकता गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत डेटा अपडेट और रोकथाम के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में सामाजिक न्याय, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बच्चों के संरक्षण, सुरक्षा और भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए सभी विभागों को जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा।



