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पाली : ‘वंदे गंगा’ अभियान हुआ तेज, जल संरक्षण के लिए गांव-शहर में चलेगा जनजागरण महाअभियान

पाली : मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तहत राज्य सरकार द्वारा संचालित “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026” के अंतर्गत पाली जिले में 30 मई से 5 जून तक जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण जागरूकता को लेकर व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिला प्रशासन ने अभियान को जनआंदोलन का रूप देने के लिए गांवों से लेकर शहरों तक विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है।

अभियान के तहत शुक्रवार को जिलेभर में प्राचीन तालाबों, जोहड़ों और जल स्रोतों की साफ-सफाई एवं मरम्मत कार्य किए गए। गांवों में श्रमदान, सोख्ता गड्ढों की सफाई, सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता और जल स्रोतों की मैपिंग जैसे कार्यों में आमजन की भागीदारी देखने को मिली। साथ ही राजीविका ग्राम संगठनों द्वारा भी स्वच्छता अभियान चलाया गया।

जल चौपाल से लेकर पौधारोपण तक होंगे विशेष आयोजन
30 मई को मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.1 और 2.2 के तहत पूर्ण कार्यों का लोकार्पण एवं नए कार्यों की शुरुआत की जाएगी। इसके साथ ही औरण-चारागाहों का चिन्हीकरण, पौधारोपण की तैयारी, बीज बैंक गतिविधियां और “हरियालो राजस्थान” अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे।

ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर जल चौपाल लगाकर जल संरक्षण को लेकर जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। देवस्थान मंदिरों एवं प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विशेष आरती और जल संरक्षण संकल्प कार्यक्रम भी होंगे।

गांवों में प्रभात फेरी, रैली और श्रमदान
31 मई को ग्रामीण क्षेत्रों में “वंदे गंगा प्रभात फेरी”, साइकिल रैली, जागरूकता रैली और श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा बावड़ियों, पशु खेलियों और जल संरचनाओं की सफाई, पक्षियों के लिए परिंडे बांधने और जल स्रोतों पर दीप प्रज्वलन जैसे कार्यक्रम भी होंगे।

नगर निकाय क्षेत्रों में रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, अस्पताल और सार्वजनिक स्थलों पर “वंदे गंगा जल सेवा” अभियान चलाया जाएगा। “नो प्लास्टिक डे” के तहत प्लास्टिक कचरे के निष्पादन और स्वच्छता गतिविधियों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।

किसानों को मिलेगा आधुनिक सिंचाई तकनीकों का प्रशिक्षण
1 जून को किसानों के लिए स्प्रिंकलर, ड्रिप सिंचाई, फार्म पॉन्ड और पाइपलाइन योजनाओं को लेकर कार्यशालाएं आयोजित होंगी। प्राकृतिक एवं जैविक खेती, सूक्ष्म सिंचाई पद्धति और कम्पोस्टिंग तकनीक पर विशेषज्ञ किसानों को जानकारी देंगे। कृषि विज्ञान केंद्रों पर किसान चौपाल और संगोष्ठियों का आयोजन भी किया जाएगा।

नदियों और बांधों पर होंगे जल पूजन कार्यक्रम
2 जून को नदियों, बांधों, सरोवरों और नहरों पर विशेष जल पूजन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नहरों और खालों की सफाई, जल उपयोगिता संगम, “कैच द रेन” अभियान, जल परीक्षण और वर्षा जल संचयन संबंधी तकनीकी जानकारी भी आमजन को दी जाएगी।

जिला प्रशासन ने अभियान में आमजन, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और युवाओं से सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील करते हुए कहा है कि जल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का दायित्व है।

Rajasthan Today

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