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रूपावास में महिलाओं और बालिकाओं को किया जागरूक, शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता योजनाओं की दी विस्तृत जानकारी

पाली : महिलाओं और बालिकाओं को शिक्षा, सुरक्षा, अधिकारों एवं सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं महिला अधिकारिता विभाग पाली के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम पंचायत रूपावास स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-1 पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में बड़ी संख्या में महिलाओं और बालिकाओं ने भाग लेकर विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं तथा महिला सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

कार्यक्रम में महिला अधिकारिता विभाग की सुपरवाइजर पिंकी मीणा ने महिलाओं एवं बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कालीबाई भील महिला संबल शिक्षा सेतु योजना, कालीबाई भील उड़ान योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान सहित निःशुल्क आरएस-सीआईटी (RS-CIT), आरएस-सीएसईपी (RS-CSEP) एवं आरएस-सीएफए (RS-CFA) पाठ्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं और युवतियों को डिजिटल एवं व्यावसायिक रूप से सक्षम बनाने के प्रयासों पर प्रकाश डाला।

कार्यशाला के दौरान उपस्थित महिलाओं और बालिकाओं को बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ जागरूक करते हुए “बाल विवाह मुक्त भारत” की शपथ दिलाई गई। प्रतिभागियों ने बाल विवाह रोकने और बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।

पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र की विधिक सलाहकार भाग्यश्री गहलोत ने महिलाओं को सुरक्षा, न्याय और आत्मनिर्भरता से जुड़ी विभिन्न सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान योजना के तहत महिलाओं को विधिक सहायता, मनो-सामाजिक परामर्श, सुरक्षा सहायता एवं आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

उन्होंने महिलाओं को आपातकालीन सहायता और शिकायत निवारण के लिए राजस्थान महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 तथा राजकोप सिटीजन एप के उपयोग के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी और जरूरत पड़ने पर इन सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।

कार्यशाला में साथिन छगनी देवी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मंजू गोस्वामी, आशा सहयोगिनी किरण, नरेगा मेट सविता सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं और बालिकाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने योजनाओं से संबंधित प्रश्न पूछे और विभागीय अधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त किया।

महिला अधिकारिता विभाग का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार की जागरूकता कार्यशालाएं महिलाओं और बालिकाओं को शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन रही हैं। विभाग द्वारा भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से अधिकाधिक महिलाओं तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के प्रयास जारी रहेंगे।

Rajasthan Today

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