पाली में ‘वंदे गंगा’ अभियान का भव्य समापन, जल-पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प, जिलेभर में हुए जनजागरण कार्यक्रम

पाली : विश्व पर्यावरण दिवस और वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के समापन अवसर पर शुक्रवार को पाली जिले में जल एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर व्यापक जनजागरण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। विभिन्न विभागों के समन्वय से आयोजित गतिविधियों में पौधारोपण, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संगोष्ठी, चित्रकला प्रतियोगिता और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन को प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया।
मुख्य कार्यक्रम जगत नाड़ी स्थित वंदे मातरम् हॉस्टल परिसर में आयोजित किया गया, जहां पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन से जुड़े अनेक कार्यक्रम संपन्न हुए। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने जल संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए जनभागीदारी से संरक्षण अभियान को मजबूत बनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण दवे ने कहा कि जल और पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने जल स्रोतों के संरक्षण, पौधारोपण और स्वच्छता को भविष्य की पीढ़ियों के लिए आवश्यक बताया। पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख, पूर्व सभापति महेन्द्र बोहरा और सुनील भंडारी ने भी जल संरक्षण एवं हरित पर्यावरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए लोगों से अधिकाधिक वृक्षारोपण करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
समापन समारोह में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और स्वच्छता को लेकर सामूहिक संकल्प दिलाया गया। प्रतिभागियों ने आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और हरित भविष्य के निर्माण का प्रण लिया। इस अवसर पर अभियान से जुड़ी टीमों और सक्रिय कार्यकर्ताओं का सम्मान भी किया गया।

वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत जिलेभर में अनेक महत्वपूर्ण गतिविधियां आयोजित की गईं। इनमें हरियालो राजस्थान अभियान की पूर्व तैयारियों के तहत पौधारोपण के लिए गड्ढों की खुदाई, जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण एवं मरम्मत, वन क्षेत्रों में जल संग्रहण संरचनाओं की सफाई और गाद निकालने के कार्य शामिल रहे।
इसके अलावा विभागीय योजनाओं के तहत निर्मित जल संरक्षण परियोजनाओं का निरीक्षण किया गया तथा नर्सरियों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर पौधों की ग्रेडिंग और रखरखाव का कार्य किया गया। चयनित स्थानों पर ईको-फ्रेंडली आर्ट तैयार कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।

अभियान के दौरान तालाबों और झीलों की स्वच्छता को लेकर जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए गए। साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को रोकने तथा प्लास्टिक के कम से कम इस्तेमाल के लिए लोगों को जागरूक किया गया। वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव का आधार बन सकते हैं।
कार्यक्रम में वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के जिला संयोजक तिलोक चौधरी, पुखराज पटेल, देवीलाल मेघवाल, नारायण कुमावत, समाजसेवी राजेंद्र सिंह भाटी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, विद्यार्थी एवं नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

विश्व पर्यावरण दिवस और वंदे गंगा अभियान के समापन पर आयोजित कार्यक्रमों ने जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और जनभागीदारी के महत्व को नई ऊर्जा के साथ जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया।




