पाली जिला कारागृह का औचक निरीक्षण, बंदियों से सीधे संवाद कर जानी व्यवस्थाओं की हकीकत

पाली : जिला कारागृह पाली में मंगलवार को न्यायिक व्यवस्था और बंदियों को उपलब्ध सुविधाओं की वास्तविक स्थिति परखने के लिए औचक निरीक्षण किया गया। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हेमलता भारती ने जिला कारागृह पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं एवं सुविधाओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान जेल में कुल 104 बंदी निरुद्ध पाए गए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बंदियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर भोजन की गुणवत्ता, चिकित्सीय सुविधाएं, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि किसी भी बंदी को कानूनी सहायता के अभाव में न्याय से वंचित न रहना पड़े।

निरीक्षण के दौरान हेमलता भारती ने बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जो बंदी निजी अधिवक्ता रखने में सक्षम नहीं हैं, उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
उन्होंने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र बंदी तक विधिक सहायता संबंधी जानकारी समय पर पहुंचे, ताकि कोई भी व्यक्ति केवल आर्थिक अभाव के कारण न्यायिक प्रक्रिया से वंचित न रहे।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने जेल में हाल ही में आए बंदियों से भी अलग से बातचीत की। इस दौरान आरोपित अपराध और घटना के समय उनकी आयु सहित अन्य आवश्यक तथ्यों की जानकारी ली गई। साथ ही बंदियों से उनकी व्यक्तिगत समस्याओं और आवश्यकताओं के बारे में भी पूछा गया।
निरीक्षण के दौरान जेल परिसर की स्वच्छता व्यवस्था का भी अवलोकन किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कारापाल को निर्देश दिए कि जेल परिसर में नियमित सफाई, स्वच्छ वातावरण और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाएं बेहतर बनाए रखी जाएं, ताकि बंदियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

जेल डिस्पेंसरी के चिकित्सक डॉ. रॉयमेन जोसेफ ने निरीक्षण के दौरान जानकारी दी कि सभी बंदियों की नियमित स्वास्थ्य जांच की जाती है। उन्होंने बताया कि ओपीडी समय में बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है तथा किसी भी गंभीर या आपात स्थिति में उन्हें तत्काल राजकीय बांगड़ चिकित्सालय, पाली रेफर किया जाता है।
निरीक्षण के दौरान कारापाल जोराराम, जेल डिस्पेंसरी के चिकित्सक डॉ. रॉयमेन जोसेफ, जेल विजिटिंग लॉयर अल्ताफ हुसैन सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
इस औचक निरीक्षण को बंदियों के अधिकारों की सुरक्षा, न्याय तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने और जेल व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी एवं संवेदनशील बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



