ग्रामीण सेवा शिविर बना बुजुर्गों का सहारा, आवेदन के कुछ ही देर बाद संतोषी देवी की पेंशन स्वीकृत, मौके पर मिला पीपीओ

पाली : राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी ‘ग्रामीण सेवा शिविर-2026’ योजना ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान कर राहत पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनती जा रही है। पाली जिले के रानी ब्लॉक की ग्राम पंचायत इटन्दरा चारणान में आयोजित शिविर में एक ऐसा ही भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब वर्षों से सामाजिक सुरक्षा पेंशन की उम्मीद लगाए बैठी संतोषी देवी को मौके पर ही पेंशन स्वीकृति का लाभ मिल गया।
शिविर में संतोषी देवी ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए दस्तावेजों का तत्काल सत्यापन किया और सामाजिक सुरक्षा अधिकारी द्वारा प्रकरण अग्रेषित किए जाने के बाद विकास अधिकारी ने मौके पर ही पेंशन स्वीकृत कर दी। इसके बाद विधायक केसाराम चौधरी ने लाभार्थी को पीपीओ (पेंशन भुगतान आदेश) सौंपा।

पेंशन स्वीकृत होने के बाद संतोषी देवी की खुशी देखते ही बन रही थी। उन्होंने कहा कि आर्थिक सहायता मिलने से अब उनके जीवनयापन में बड़ी राहत मिलेगी और भविष्य की चिंता भी काफी हद तक कम होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राज्य सरकार और शिविर में कार्यरत अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बिना किसी दौड़-भाग और परेशानी के उन्हें समय पर लाभ प्राप्त हुआ।
जिलेभर में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविरों में बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। शिविरों में पेंशन, राजस्व, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, प्रमाण पत्र, जनकल्याणकारी योजनाओं सहित अनेक सेवाओं से जुड़े कार्यों का मौके पर ही निस्तारण किया जा रहा है।

शुक्रवार को पाली जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों—मणिहारी, कलाली, गुड़ा रामसिंह, बोरनडी, धुंधला, ढालोप, चांचाड़ी, इटन्दरा चारणान, बारवा और लापोद में शिविर आयोजित किए गए, जहां ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी समस्याओं का समाधान करवाया।
प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार आगामी दिनों में भी जिले की कई ग्राम पंचायतों में ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहां आमजन को विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से प्रशासन सीधे गांवों तक पहुंच रहा है और लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान कर रहा है। इससे न केवल ग्रामीणों का समय और पैसा बच रहा है, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ भी पात्र लोगों तक तेजी से पहुंच रहा है। इटन्दरा चारणान में संतोषी देवी को मिली पेंशन इस बात का उदाहरण है कि यदि प्रशासन संवेदनशीलता के साथ काम करे तो लोगों की वर्षों पुरानी समस्याएं भी कुछ ही मिनटों में हल हो सकती हैं।



