55 साल बाद फिर सजी दोस्ती की महफिल, बलिया स्कूल की 170 पूर्व छात्राओं का ऐतिहासिक स्नेह मिलन

पाली : शहर के प्रतिष्ठित सेठ मुकनचंद बलिया बालिका उच्च विद्यालय की वर्ष 1965 से 1975 बैच की पूर्व छात्राओं का बहुप्रतीक्षित एवं ऐतिहासिक स्नेह मिलन समारोह शुक्रवार को रोटरी भवन में भावनाओं, आत्मीयता और उल्लास के बीच संपन्न हुआ। लगभग 55 वर्षों बाद आयोजित इस अनूठे मिलन समारोह में देश-विदेश के विभिन्न शहरों से करीब 170 पूर्व छात्राओं ने भाग लिया और अपने छात्र जीवन की सुनहरी यादों को फिर से जीया।
कार्यक्रम के दौरान वर्षों बाद सहेलियों से मिलकर कई पूर्व छात्राएं भावुक हो उठीं। कहीं आंखें नम हुईं तो कहीं हंसी, ठिठोली और बचपन की शरारतों ने पूरे माहौल को जीवंत बना दिया। आयोजन की शुरुआत विद्यालय की घंटी बजाकर की गई, जिसके बाद सभी पूर्व छात्राओं ने सामूहिक रूप से विद्यालय की प्रार्थना “दया कर दान भक्ति का…” गाकर अपने छात्र जीवन की स्मृतियों को ताजा किया।

समारोह का विधिवत शुभारंभ पूर्व विधायक ज्ञानचंद्र पारख, पूर्व सभापति एवं पूर्व प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र बोहरा, समाजसेवी विकास बुबकिया, पूर्व शिक्षा अधिकारी नूतन बाला कपिला तथा भारत विकास परिषद की अखिल भारतीय पदाधिकारी इंदु शर्मा के करकमलों से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
मुख्य अतिथि ज्ञानचंद्र पारख ने कहा कि विद्यालयीन मित्रता जीवन की सबसे निष्कलुष और अमूल्य पूंजी होती है। ऐसे आयोजन केवल पुरानी यादों को ताजा नहीं करते, बल्कि सामाजिक समरसता और पारिवारिक मूल्यों को भी मजबूत करते हैं। विशिष्ट अतिथि महेंद्र बोहरा ने आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायी पहल बताया।
कार्यक्रम की प्रमुख संयोजिका कमला पंच बोहरा ने अपने संबोधन में कहा कि बलिया स्कूल ने छात्राओं को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन, सेवा और आत्मविश्वास भी दिया है। उनके उद्बोधन ने उपस्थित सभी पूर्व छात्राओं को भावविभोर कर दिया।

समारोह में रैम्प वॉक, मनोरंजक खेल, अंताक्षरी, समूह गायन, नृत्य, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और विद्यालयीन जीवन पर आधारित विशेष वीडियो प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। दुर्लभ तस्वीरों और पुराने संस्मरणों ने पूरे सभागार को तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान कर दिया।
इस अवसर पर पाली सहित मुंबई, पुणे, अहमदाबाद, सूरत, जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और दुबई सहित देश-विदेश के विभिन्न स्थानों से पूर्व छात्राएं शामिल हुईं। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों का सामूहिक छायाचित्र लिया गया तथा आपसी संपर्क बनाए रखने के लिए विशेष डायरेक्टरी वितरित की गई।
आयोजन समिति ने सभी अतिथियों, सहयोगियों एवं देश-विदेश से पहुंचीं पूर्व छात्राओं का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी आत्मीयता के साथ निरंतर मिलते रहने का संकल्प लिया। लगभग 55 वर्षों बाद आयोजित यह स्नेह मिलन समारोह केवल एक पुनर्मिलन नहीं, बल्कि दोस्ती, संस्कार, स्मृतियों और जीवनभर के अटूट रिश्तों का भावपूर्ण उत्सव बन गया।




