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राजस्थान समान नागरिकता संहिता-2026 पर पाली से उठी कई अहम आवाजें, बहुविवाह पर रोक से लेकर बेटी को समान संपत्ति अधिकार तक दिए सुझाव

पाली : राजस्थान सरकार द्वारा प्रस्तावित राजस्थान समान नागरिकता संहिता-2026 के प्रारूप को अधिक प्रभावी और जनहितैषी बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को जोधपुर संभाग स्तर पर वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) एवं संभागीय आयुक्त, जोधपुर के निर्देशानुसार आयोजित इस बैठक में पाली जिला मुख्यालय स्थित सूचना प्रौद्योगिकी वीसी रूम से जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और प्रारूप पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए।

बैठक में विधि विशेषज्ञों, विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों तथा मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने संहिता के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा करते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रतिभागियों ने कई महत्वपूर्ण सामाजिक और कानूनी मुद्दों पर अपने विचार रखे। इनमें बहुविवाह पर पूर्ण प्रतिबंध, लिव-इन रिलेशनशिप का अनिवार्य पंजीकरण, भरण-पोषण के समान प्रावधान, विवाह और तलाक का अनिवार्य पंजीकरण तथा पैतृक संपत्ति में बेटा-बेटी को समान अधिकार जैसे विषय प्रमुख रहे। प्रतिभागियों का मानना था कि समान नागरिकता संहिता समाज में समानता, पारदर्शिता और न्याय की भावना को मजबूत करने का माध्यम बन सकती है।

जिला प्रशासन ने अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिला मुख्यालय, पंचायत समितियों, नगर निकायों, कलक्ट्रेट और अन्य सरकारी कार्यालयों में क्यूआर कोड प्रदर्शित किए हैं। इनके माध्यम से आम नागरिक भी ऑनलाइन अपने सुझाव दर्ज करा रहे हैं।

प्रशासन की ओर से व्यापक प्रचार-प्रसार कर लोगों से अपील की गई है कि वे संहिता के प्रारूप पर अपने विचार साझा करें, ताकि अंतिम मसौदा व्यापक जनमत के आधार पर तैयार किया जा सके।

जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंस और ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त सभी सुझावों का संकलन कर नियमानुसार प्रारूप समिति को भेजा जाएगा, ताकि संहिता तैयार करते समय विभिन्न वर्गों की राय को शामिल किया जा सके।

बैठक में जनप्रतिनिधि सुनील भंडारी, महेन्द्र बोहरा, नरपत सिंह जेतावत, रामकिशोर साबू, अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. बजरंग सिंह, अतिरिक्त जिला कलक्टर (सीलिंग) ओम प्रभा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुकेश चौधरी, उपखंड अधिकारी विमलेन्द्र राणावत, पंडित शंभूलाल शर्मा, मोहम्मद शलिम, भूपेन्द्र सिंह खेड़ा, नूतनबाला कपिला, जीवनराम, गणपतदास निम्बार्क, भंवरलाल सोनी, सिवाराम प्रजापत, जगदीश मंत्री, जेठाराम देवासी सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

इसके अलावा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक ज्योति प्रकाश अरोड़ा, महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक भागीरथ चौधरी, राजनीतिक विज्ञान के प्राचार्य डॉ. महेन्द्र सिंह, इतिहास के आचार्य डॉ. आर.के. पुरोहित, राजनीतिक विज्ञान के आचार्य डॉ. लक्ष्मण पटेल, विधि के सहायक आचार्य कीर्ति पाल सिंह तथा तहसीलदार कल्पेश कुमार ने भी चर्चा में भाग लिया।

बैठक का उद्देश्य राजस्थान समान नागरिकता संहिता-2026 को व्यापक जनभागीदारी, सामाजिक सहमति और व्यावहारिक सुझावों के आधार पर अधिक प्रभावी एवं समावेशी बनाना रहा।

Rajasthan Today

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