विश्व अंतर्राष्ट्रीय न्याय दिवस पर पाली में कानूनी जागरूकता अभियान, स्कूलों से लेकर गांवों तक लोगों को बताए अधिकार

पाली : आमजन को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने और न्याय तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पाली के सचिव (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) विक्रम सिंह भाटी के मार्गदर्शन में विश्व अंतर्राष्ट्रीय न्याय दिवस के अवसर पर जिलेभर में व्यापक विधिक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान विद्यालयों, सार्वजनिक स्थलों और मनरेगा कार्यस्थलों पर शिविर आयोजित कर विद्यार्थियों, ग्रामीणों और वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न कानूनी अधिकारों एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
अभियान के तहत पीएलवी मांगीलाल तंवर ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, केशव नगर एवं वरिष्ठ नागरिक सेवा समिति, पाली में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। वहीं महेंद्र सिंह दहिया ने राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, शिवपुरा तथा मनरेगा कार्यस्थल, शिवपुरा में श्रमिकों और ग्रामीणों को कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। इसी क्रम में सुश्री मनु ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, धुंधली एवं रोहट में विद्यार्थियों और आमजन को विधिक जागरूकता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों से अवगत कराया।

कार्यक्रमों में बताया गया कि विश्व अंतर्राष्ट्रीय न्याय दिवस, जिसे अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्याय दिवस भी कहा जाता है, का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय न्याय व्यवस्था के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना तथा पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा और न्याय की स्थापना के लिए समाज को प्रेरित करना है। इस अवसर पर यह भी बताया गया कि न्याय केवल अदालतों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक के अधिकारों की सुरक्षा और सामाजिक समानता सुनिश्चित करने का माध्यम है।
शिविरों में उपस्थित लोगों को स्थायी लोक अदालत, राष्ट्रीय लोक अदालत, मध्यस्थता प्रक्रिया, निःशुल्क विधिक सहायता, पीड़ित प्रतिकर योजना, नालसा पोर्टल, नालसा हेल्पलाइन 15100, पॉश एक्ट (कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से संरक्षण कानून), वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार, महिलाओं के कानूनी अधिकार तथा बाल विवाह निषेध कानून सहित विभिन्न महत्वपूर्ण कानूनी विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।

अधिकार मित्रों ने आमजन से अपील की कि किसी भी कानूनी समस्या या अधिकारों के हनन की स्थिति में वे निःशुल्क विधिक सहायता का लाभ लें और न्याय पाने के लिए उपलब्ध सरकारी व्यवस्थाओं का उपयोग करें। साथ ही बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को रोकने, महिलाओं के सम्मान की रक्षा करने तथा कानून के प्रति जागरूक समाज बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाने का भी आह्वान किया गया।
जिले के विभिन्न तालुका क्षेत्रों में भी आयोजित इन जागरूकता कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं ग्रामीणों ने भाग लिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का यह अभियान आमजन को न्याय व्यवस्था से जोड़ने और कानूनी जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।



