
पाली : पाली के बांगड़ स्टेडियम स्थित बॉक्सिंग प्रशिक्षण केंद्र में खिलाड़ियों के तकनीकी कौशल को निखारने के उद्देश्य से विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (BFI) के थ्री स्टार रेफरी ललित सिंह राजपूत तथा राष्ट्रीय स्तर के निर्णायक राहुल गुप्ता ने खिलाड़ियों को बॉक्सिंग के अंतरराष्ट्रीय नियमों, स्कोरिंग प्रणाली और रेफरी के निर्णय लेने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी।
प्रशिक्षण सत्र में विशेषज्ञों ने खिलाड़ियों को बताया कि मुकाबले के दौरान अनावश्यक फाउल से कैसे बचें, साफ और प्रभावी पंचों के जरिए अधिकतम अंक कैसे हासिल करें तथा रेफरी और जज किन तकनीकी मानकों के आधार पर स्कोरिंग करते हैं। उन्होंने रिंग क्राफ्ट, टाइमिंग, डिफेंस, तकनीक, अनुशासन और नियमों की सही समझ को सफल मुक्केबाज बनने की सबसे महत्वपूर्ण शर्त बताया।
विशेषज्ञों ने कहा कि कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी तकनीकी नियमों की पूरी जानकारी नहीं होने के कारण महत्वपूर्ण मुकाबलों में अंक गंवा देते हैं। यदि खिलाड़ी नियमों की गहरी समझ विकसित करें तो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

इस अवसर पर पाली जिला बॉक्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने दोनों विशेषज्ञों का स्वागत करते हुए कहा कि अनुभवी रेफरी और निर्णायकों का मार्गदर्शन खिलाड़ियों के तकनीकी विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे प्रशिक्षण शिविर खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और प्रदर्शन दोनों को नई दिशा देते हैं।
कार्यक्रम में मुख्य बॉक्सिंग प्रशिक्षक दिलीप गहलोत, शंकर पटेल, जगदीश बिश्नोई, भरत, नरेश पांडे सहित बड़ी संख्या में मुक्केबाज उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान खिलाड़ियों ने स्कोरिंग सिस्टम, फाउल, रेफरी के संकेत और मुकाबलों के नियमों से जुड़े कई प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने व्यावहारिक उदाहरणों के साथ विस्तार से समाधान किया।
यह प्रशिक्षण शिविर युवा मुक्केबाजों के लिए न केवल तकनीकी ज्ञान बढ़ाने वाला साबित हुआ, बल्कि उन्हें भविष्य की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर तरीके से तैयार करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना गया।



