खाद्य सुरक्षा योजना में अपात्रों पर होगी सख्ती, पात्र वंचित परिवारों को जोड़ने के लिए पाली में तेज होगा ‘गिव अप अभियान’

पाली : खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे, इसके लिए राज्य सरकार ने ‘गिव अप अभियान’ को और अधिक प्रभावी बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में शुक्रवार को पाली जिला रसद कार्यालय में तहसील स्तरीय खाद्य सुरक्षा सतर्कता समिति के गैर-सरकारी मनोनीत सदस्यों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में अपात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें योजना से बाहर करने तथा पात्र लेकिन अब तक वंचित परिवारों को खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला रसद अधिकारी भंवर सिंह राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार खाद्य सुरक्षा योजना को पारदर्शी और प्रभावी बनाना प्राथमिकता है। इसके लिए समिति के सदस्यों को अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने, स्वेच्छा से अपात्र परिवारों को योजना छोड़ने के लिए प्रेरित करने तथा पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें योजना का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
बैठक में बताया गया कि अभियान का उद्देश्य ऐसे परिवारों को चिन्हित करना है जो आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ ले रहे हैं। ऐसे लाभार्थियों को योजना से स्वेच्छा से बाहर आने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि उनकी जगह वास्तव में जरूरतमंद और पात्र परिवारों को योजना का लाभ मिल सके।
बैठक के दौरान जिले की विभिन्न तहसीलों में खाद्य सुरक्षा योजना के वर्तमान लाभार्थियों की स्थिति की समीक्षा की गई। अभियान को अधिक प्रभावी बनाने, पात्र परिवारों की पहचान की प्रक्रिया को तेज करने तथा जनसहभागिता बढ़ाने के लिए समिति सदस्यों ने कई सुझाव भी दिए, जिन पर विभाग द्वारा अमल करने का आश्वासन दिया गया।
बैठक में गैर-सरकारी मनोनीत सदस्य कमल कुमार पंवार एवं जितेन्द्र सिंह आशिया सहित प्रवर्तन निरीक्षक कानाराम, महेन्द्र पाल तंवर, वरिष्ठ सहायक संगीता शर्मा, कनिष्ठ लेखाकार कृष्ण कुमार मीणा, सूचना सहायक विवेक सिंह, इन्दु बाला, जसपाल सहित जिला रसद कार्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने सक्षम परिवारों से स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ छोड़ने की अपील करते हुए कहा है कि इससे वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक योजना का लाभ पहुंच सकेगा और सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।



