पाली में 14 से 20 अगस्त तक गूंजेगी श्रीमद् भागवत कथा, कलश यात्रा से होगा सात दिवसीय धार्मिक महोत्सव का आगाज

पाली : पुनायता रोड स्थित कुमावत वाटिका में कुमावत समाज रजत नगर की आम बैठक आयोजित हुई। बैठक में समाज के आगामी सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही आयोजन को सफल बनाने के लिए समाज के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां एवं दायित्व सौंपे गए।
बैठक में कुमावत युवा शक्ति संगठन पाली के पूर्व मीडिया प्रभारी राजेश कुमावत ने आगामी धार्मिक कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि कुमावत संस्थान रजत नगर के तत्वावधान में 14 से 20 अगस्त तक सात दिवसीय भव्य धार्मिक महोत्सव का आयोजन पुनायता रोड स्थित कुमावत वाटिका में किया जाएगा। आयोजन को लेकर समाजबंधुओं में उत्साह का माहौल है और तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
राजेश कुमावत ने बताया कि धार्मिक महोत्सव का शुभारंभ 14 अगस्त को सुबह भव्य कलश यात्रा के साथ किया जाएगा। कलश यात्रा कुमावत संस्थान रजत नगर से रवाना होकर पुनायता रोड स्थित कुमावत वाटिका पहुंचेगी। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में समाज की महिलाएं, पुरुष एवं युवा श्रद्धालु शामिल होंगे। कलश यात्रा के बाद कुमावत वाटिका में सात दिवसीय धार्मिक कार्यक्रमों की विधिवत शुरुआत होगी।
आयोजन के तहत 14 से 20 अगस्त तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन होगा। कथा का वाचन श्री महंत महामंडलेश्वर डॉ. श्री देवऋषि दास जी महाराज के मुखारविंद से किया जाएगा।
भागवत कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, धर्म, भक्ति, संस्कार और जीवन मूल्यों से जुड़े प्रसंगों का श्रद्धालुओं को श्रवण कराया जाएगा। आयोजकों ने समाजबंधुओं एवं श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कथा में पहुंचकर धर्मलाभ लेने का आह्वान किया है।
धार्मिक महोत्सव के तहत 15 से 19 अगस्त तक प्रतिदिन सायंकाल नानी बाई का मायरा कथा का विशेष आयोजन किया जाएगा। कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति, पारिवारिक संस्कार एवं सामाजिक समरसता से जुड़े संदेश दिए जाएंगे। आयोजकों के अनुसार श्रीमद् भागवत कथा के साथ नानी बाई का मायरा कार्यक्रम को लेकर भी समाज के लोगों में विशेष उत्साह है।
सात दिवसीय धार्मिक महोत्सव का समापन 20 अगस्त को भव्य भजन संध्या के साथ होगा। कुमावत वाटिका में आयोजित होने वाली भजन संध्या में प्रसिद्ध भजन कलाकार अनिता जांगिड़ एवं पारस सोलंकी अपनी सुमधुर प्रस्तुतियां देंगे।
भजन संध्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए आयोजन समिति की ओर से आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर भी तैयारियां की जा रही हैं।
आम बैठक के दौरान धार्मिक आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम को व्यवस्थित एवं सफल बनाने के लिए समाज के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को अलग-अलग व्यवस्थाओं की जिम्मेदारियां सौंपी गईं। बैठक में आयोजन स्थल, श्रद्धालुओं की सुविधा, कार्यक्रम संचालन सहित विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में कुमावत संस्थान अध्यक्ष चंद्राराम घोड़ावड़, हणुतराम दुबलदिया, अर्जुन दुबलदिया, विकास दुबलदिया, जयराम अड़ाणिया, खियाराम बावलेचा, हुकमीचंद पीपाड़ा, राजेश बावलेचा, पोकरराम पिलोदिया, रमेश मोटावत एवं घेवरचंद पटेल सहित समाज के अनेक गणमान्यजन एवं समाजबंधु मौजूद रहे।
आयोजकों ने बताया कि सात दिवसीय आयोजन का उद्देश्य समाज को धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जोड़ने के साथ सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे को मजबूत करना भी है। भागवत कथा, नानी बाई का मायरा और भजन संध्या जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और संस्कारों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
कुमावत समाज की ओर से आयोजित इस धार्मिक महोत्सव को लेकर तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं। आयोजन समिति ने समाज के सभी परिवारों एवं श्रद्धालुओं से कार्यक्रमों में सहभागिता कर महोत्सव को सफल बनाने की अपील की है।



