लग्जरी और स्लीपर बसों पर बड़ी कार्रवाई, 7 बसों के काटे चालान, 6.15 लाख रुपये का जुर्माना

पाली : जिले में लग्जरी एवं स्लीपर बसों में अनधिकृत बदलाव और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशों के तहत चलाए जा रहे रोड सेफ्टी अभियान के क्रम में मंगलवार सुबह पाली में लग्जरी एवं स्लीपर बसों का विशेष निरीक्षण किया गया। संयुक्त टीम ने बसों की तकनीकी एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की।
अभियान का उद्देश्य मोटर वाहन अधिनियम-1988/1989, एआईएस-119 तथा राज्य सरकार द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों की पालना सुनिश्चित करना और अनधिकृत रूप से किए गए संरचनात्मक बदलावों के कारण होने वाले सड़क हादसों पर अंकुश लगाना है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं अपर जिला न्यायाधीश विक्रम सिंह भाटी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पाली श्रीमती हेमलता भारती तथा तहसीलदार पाली कल्पेश जैन की उपस्थिति में परिवहन विभाग की टीम ने लग्जरी एवं स्लीपर बसों का निरीक्षण किया।
संयुक्त टीम ने कुल 9 बसों की जांच की। निरीक्षण के दौरान बसों में यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं को गंभीरता से परखा गया।
निरीक्षण के दौरान बसों में बनाए गए अनाधिकृत लगेज कंपार्टमेंट, आपातकालीन निकास, निर्धारित क्षमता से अधिक सीटों के निर्माण, अग्निशमन यंत्र, संरचनात्मक बदलाव, आपात स्थिति में उपयोग होने वाले हैमर सहित अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहनता से जांच की गई।
टीम ने यह भी देखा कि बसों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप आवश्यक उपकरण उपलब्ध हैं या नहीं तथा बसों की मूल संरचना में किसी प्रकार का अनधिकृत परिवर्तन तो नहीं किया गया है।

निरीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर परिवहन विभाग ने 7 बसों के चालान किए। इन बसों पर कुल 6 लाख 15 हजार 500 रुपये की चालान राशि निर्धारित की गई।
अधिकारियों ने बस संचालकों को भविष्य में निर्धारित नियमों एवं सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया गया कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा बसों में अनधिकृत बदलाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
रोड सेफ्टी अभियान के तहत लग्जरी और स्लीपर बसों में किए जाने वाले अनधिकृत परिवर्तन तथा सुरक्षा नियमों की अनदेखी को लेकर लगातार निरीक्षण किए जा रहे हैं। अधिकारियों का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि बस संचालकों को निर्धारित सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक करना और यात्रियों के लिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
विशेष रूप से स्लीपर और लग्जरी बसों में आपातकालीन निकास, अग्निशमन उपकरण, सुरक्षा हैमर तथा यात्रियों की निर्धारित क्षमता जैसे महत्वपूर्ण मानकों की पालना को लेकर निगरानी बढ़ाई जा रही है।

निरीक्षण के दौरान सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं अपर जिला न्यायाधीश विक्रम सिंह भाटी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती हेमलता भारती, तहसीलदार कल्पेश जैन, प्रभारी पुलिस यातायात शाखा तेजाराम चौधरी, परिवहन निरीक्षक गोपेश सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। बस संचालकों को नियमों की पालना के साथ यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी। अभियान के तहत आगे भी वाहनों की जांच एवं नियमों के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।



