दिव्यांगता को नहीं बनने दिया मजबूरी, सब्जी ठेले से आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़े मानाराम

पाली : मेहनत और आत्मनिर्भर बनने का जज्बा हो तो कोई भी चुनौती रास्ते की बाधा नहीं बन सकती। पाली के चामुंडा नगर निवासी करीब 50 वर्षीय मानाराम ने इसी जज्बे की मिसाल पेश की है। पैरों से दिव्यांग होने के बावजूद वे सब्जी का ठेला लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं और अब अपने व्यवसाय को और विस्तार देने की तैयारी में हैं। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत उन्हें तीसरे चरण में 50 हजार रुपए का ऋण स्वीकृत हुआ है।
नगर निगम पाली की ओर से आयोजित शहरी सेवा फॉलोअप शिविर में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत पात्र स्ट्रीट वेंडर्स को ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसी प्रक्रिया के तहत मानाराम को भी उनके सब्जी व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए ऋण स्वीकृत किया गया।
मानाराम ने बताया कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत उन्हें पहले चरण में 10 हजार रुपए का ऋण मिला था। इसका समय पर पुनर्भुगतान करने के बाद उन्हें योजना के दूसरे चरण में 20 हजार रुपए का ऋण प्राप्त हुआ। उन्होंने दूसरे चरण की ऋण राशि भी समय पर चुका दी।
ऋण की दोनों किश्तों का समय पर पुनर्भुगतान करने और योजना की पात्रता पूरी करने के बाद अब उन्हें तीसरे चरण में 50 हजार रुपए का ऋण स्वीकृत किया गया है। बढ़ती ऋण सीमा ने न केवल उनके व्यवसाय को विस्तार देने का अवसर दिया, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी मजबूत किया है।
मानाराम लंबे समय से सब्जी का ठेला लगाकर अपनी आजीविका चला रहे हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने काम को जारी रखा और मेहनत के बल पर परिवार की जिम्मेदारियां निभाईं। योजना के माध्यम से मिली आर्थिक सहायता से उन्हें अपने कारोबार को धीरे-धीरे आगे बढ़ाने में मदद मिली।
अब 50 हजार रुपए की ऋण राशि मिलने के बाद वे सब्जी व्यवसाय का विस्तार करने और अपनी आमदनी बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उनका कहना है कि आर्थिक सहायता के साथ-साथ योजना ने उनमें यह विश्वास भी पैदा किया है कि वे अपने दम पर व्यवसाय को आगे बढ़ा सकते हैं।
मानाराम ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से मिले आर्थिक सहयोग ने उनके व्यवसाय को लगातार गति दी है। पहले छोटी राशि से शुरुआत हुई और समय पर ऋण चुकाने के बाद उन्हें अधिक राशि का लाभ मिलता गया। इससे कारोबार के साथ उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
उन्होंने स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली इस पहल के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार का आभार जताते हुए कहा कि ऐसी योजनाएं छोटे कारोबारियों और स्ट्रीट वेंडर्स के लिए आगे बढ़ने का अवसर उपलब्ध कराती हैं।
नगर निगम की ओर से शहरी सेवा फॉलोअप शिविरों के माध्यम से प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के पात्र लाभार्थियों को ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। योजना का उद्देश्य स्ट्रीट वेंडर्स को छोटे स्तर पर पूंजी उपलब्ध कराकर उनके व्यवसाय को मजबूत करना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
मानाराम की कहानी इस बात का उदाहरण है कि सरकारी योजना से मिली आर्थिक सहायता, मेहनत और आत्मविश्वास के साथ मिलकर छोटे व्यवसाय को नई दिशा दे सकती है।



