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सिद्धि तप महोत्सव में भक्ति का उमड़ा सैलाब, 14 चढ़ावों के साथ तपस्वियों का हुआ भव्य बहुमान

पाली : गुजराती कटला स्थित बड़ा उपाश्रय शुक्रवार को भक्ति, तप और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर नजर आया। मरुधर रत्न प.पू. आ.भ. श्री रत्नाकरसूरीश्वरजी म.सा. के शिष्य प.पू. आ.भ. श्रीमद् विजय रत्नाचलसूरीश्वरजी म.सा. आदि ठाणा की पावन निश्रा में यहां भव्य सिद्धि तप महोत्सव एवं चढ़ावा उत्सव हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। सुबह से ही उपाश्रय परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी और धार्मिक वातावरण जयकारों एवं भक्ति भाव से गूंज उठा।

सुबह करीब 9 बजे शंखनाद के साथ गुरुदेव के मांगलिक प्रवचन प्रारंभ हुए। जैसे ही प्रवचन शुरू हुए, पूरा परिसर जयकारों से गूंज उठा। दोपहर तक चले इस धार्मिक समागम में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने सहभागिता निभाई और सिद्धि तप की आराधना करने वाले तपस्वियों के प्रति अपनी श्रद्धा एवं अनुमोदना व्यक्त की।

आचार्य भगवंत के प्रवचन के पश्चात सिद्धि तप की आराधना करने वाले तपस्वियों के बहुमान का क्रम शुरू हुआ। इस दौरान तपस्वियों के कठिन तप और साधना की अनुमोदना करते हुए श्रद्धालुओं ने धार्मिक भाव से उनका सम्मान किया।

लाभार्थी श्रीमान राजेन्द्रकुमार उमेशकुमार नाहटा परिवार की ओर से तपस्वियों का अक्षत, मोती तथा सोने-चांदी के फूलों से भव्य वधामणा किया गया। वहीं लाभार्थी श्रीमान कालुरामजी धारीवाल परिवार की ओर से सभी तपस्वियों का चंदन विलेपन कर उनके तप की अनुमोदना की गई।

तपस्वियों के सम्मान के दौरान वातावरण भावुक एवं आध्यात्मिक नजर आया। श्रद्धालुओं ने तप, संयम और साधना के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हुए तपस्वियों की अनुमोदना की।

श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ के अध्यक्ष गौतमचंद मेहता, सचिव ओमप्रकाश छाजेड़ एवं उपाध्यक्ष रमेश पारख ने बताया कि सिद्धि तप महोत्सव के दौरान कुल 14 प्रमुख चढ़ावे एवं बहुमान कार्यक्रम आयोजित किए गए।

इनमें तिलक, माला, श्रीफल, साफा-चुंदड़ी, तोरण, मेहंदी, बड़ी सांझी, पाद प्रक्षालन और गुलाब जल वृष्टि सहित विभिन्न धार्मिक चढ़ावे शामिल रहे। विशेष चढ़ावों के दौरान श्रावकों में खासा उत्साह देखने को मिला।

जब ‘हाथी पर बैठना’ और ‘भगवान का रथ’ जैसे विशेष चढ़ावों की बोलियां शुरू हुईं तो श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर पहुंच गया। धार्मिक वातावरण में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की।

महोत्सव के अवसर पर नीति सुरी बहु मंडल की बहनों की ओर से उपाश्रय परिसर में आकर्षक एवं कलात्मक गहुली की रचना की गई। पारंपरिक धार्मिक कला और सजावट से तैयार की गई गहुली श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रही।

उपाश्रय परिसर की सजावट और धार्मिक वातावरण ने पूरे आयोजन को और अधिक भव्य रूप प्रदान किया। कार्यक्रम में शामिल श्रावक-श्राविकाओं ने गहुली की कलात्मकता की सराहना की।

सिद्धि तप महोत्सव को और अधिक भक्तिमय बनाने के लिए मुंबई से विशेष रूप से आमंत्रित सुप्रसिद्ध संगीतकार एवं गायक अनीश राठौड़ ने भक्ति संगीत की प्रस्तुतियां दीं। उन्होंने अपनी सुमधुर आवाज में गुरुभक्ति और तप की महिमा से जुड़े भजनों की प्रस्तुति दी।

भजनों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों के बीच पंडाल में मौजूद श्रद्धालु भक्ति भाव में झूमते नजर आए। संगीत और भक्ति के संगम ने पूरे आयोजन को विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान की।

सिद्धि तप महोत्सव एवं चढ़ावा उत्सव के सफल आयोजन में ट्रस्ट मंडल, विहार ग्रुप एवं संघ के अनेक सदस्यों ने सहयोग प्रदान किया। आयोजन से जुड़े सदस्यों ने व्यवस्थाओं को संभालने में सक्रिय भूमिका निभाई।

महोत्सव के दौरान तपस्वियों के बहुमान, धार्मिक चढ़ावों, गुरुभक्ति और भजन संध्या के माध्यम से श्रद्धालुओं को तप, संयम और आध्यात्मिक साधना का संदेश मिला। पूरे आयोजन में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का वातावरण बना रहा।

Rajasthan Today

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