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गुरुजनों के सम्मान में भावुक हुआ BJS परिवार, 70 से अधिक जैन शिक्षक-शिक्षिकाओं का किया अभिनंदन

पाली : शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में भारतीय जैन संगठना (BJS), पाली चैप्टर की ओर से रविवार, 6 सितंबर को अनुभव स्मारक में जैन समाज के शिक्षक एवं शिक्षिकाओं के सम्मान में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 70 से अधिक जैन शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ BJS के 100 से अधिक सदस्यों ने भाग लेकर गुरुजनों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और अपनत्व की भावना को साकार किया।

कार्यक्रम की शुरुआत जैन समाज के शिक्षक-शिक्षिकाओं के कुमकुम-चावल से तिलक कर तथा दुपट्टा पहनाकर सम्मान के साथ हुई। BJS परिवार के सदस्यों ने गुरुजनों का आत्मीयता और स्नेह के साथ अभिनंदन किया। सभी सम्मानित शिक्षकों को स्मृति स्वरूप रिटर्न गिफ्ट भी प्रदान किए गए।

BJS अध्यक्ष अमरचंद बोहरा ने कहा कि शिक्षक समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षक विद्यार्थियों को शिक्षा देने के साथ भावी पीढ़ी को संस्कार, अनुशासन और जीवन मूल्यों से जोड़ने का कार्य भी करते हैं।

उन्होंने कहा कि जैन समाज के शिक्षक-शिक्षिकाओं को एक मंच पर एकत्रित कर उनका सम्मान करना संगठन के लिए गौरव का विषय है। शिक्षक समाज की ऐसी मजबूत नींव तैयार करते हैं, जिसका प्रभाव आने वाली कई पीढ़ियों तक दिखाई देता है।

कार्यक्रम को केवल सम्मान समारोह तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि शिक्षक-शिक्षिकाओं के मनोरंजन के लिए विभिन्न खेल एवं मनोरंजक गतिविधियां भी आयोजित की गईं। महिला विंग अध्यक्ष उषा अखावत ने बताया कि कार्यक्रम में वन मिनट गेम, हाउजी और अंताक्षरी सहित कई प्रतियोगिताएं कराई गईं।

इन गतिविधियों में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। खेलों के दौरान हंसी-मजाक और उत्साह से पूरा वातावरण जीवंत हो गया। लंबे समय से शिक्षण कार्य में व्यस्त रहने वाले गुरुजनों को इस आयोजन में मनोरंजन और आपसी मेल-मिलाप का अवसर मिला।

वन मिनट प्रतियोगिता में वंदना पुनमिया ने प्रथम तथा अनिता पुंगलिया ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। वहीं लिखित प्रतियोगिता में कुसुम बाफना प्रथम और चंद्रा संकलेचा द्वितीय स्थान पर रहीं। विजेताओं को आकर्षक उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

सचिव दीपमाला सिंघवी ने बताया कि इस कार्यक्रम की तैयारियां करीब एक सप्ताह पहले से शुरू कर दी गई थीं। संयोजक सनी चौरड़िया, राजेन्द्र सर (MTP), अलका गोलेच्छा और महक धोका सहित टीम के सदस्यों ने अलग-अलग विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं से लगातार संपर्क किया और उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित किया।

उन्होंने बताया कि संगठन का उद्देश्य समाज के उन गुरुजनों को एक मंच पर लाना था, जो अलग-अलग विद्यालयों में शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित करने के साथ उन्हें रिटर्न गिफ्ट भी प्रदान किए गए।

समारोह का सबसे भावुक और विशेष आकर्षण उस समय देखने को मिला, जब सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को एक साथ पंक्तिबद्ध बैठाया गया और BJS परिवार के सदस्यों ने अपने हाथों से उन्हें भोजन कराया।

गुरुजनों की सेवा की इस आत्मीय पहल ने पूरे माहौल को भावुक कर दिया। शिक्षक-शिक्षिकाएं इस सम्मान और अपनत्व से अभिभूत नजर आए। इस अवसर पर कई शिक्षकों ने कहा कि सम्मान तो कई अवसरों पर मिलता है, लेकिन जिस आत्मीयता और स्नेह के साथ BJS परिवार ने उन्हें सम्मान दिया और अपने हाथों से भोजन कराया, वह उनके लिए विशेष अनुभव रहा।

कार्यक्रम में शामिल शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि उन्हें दूसरी बार इतने बड़े स्तर पर सम्मान, सत्कार, स्नेह और अपनत्व का अनुभव मिला है।

कई शिक्षकों ने इसे ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि अलग-अलग विद्यालयों में कार्यरत जैन समाज के शिक्षक-शिक्षिकाओं का एक मंच पर मिलना अपने आप में सुखद और यादगार अनुभव रहा। कार्यक्रम ने शिक्षकों के बीच आपसी परिचय और संवाद का अवसर भी उपलब्ध कराया।

कार्यक्रम में श्रीसंघ सभा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष सज्जनराज गोलेच्छा एवं सचिव छगनलाल सालेचा भी उपस्थित रहे। इसके अलावा संभागीय अध्यक्ष रमेशचंद बरड़िया सहित राजेश हिंगड़, सुरेंद्र मरलेचा, रेखा मरलेचा, ईशा पारलेचा, सीमा कास्टिया, प्रतिभा, प्रियंका चोपड़ा और शालु मेहता सहित अनेक सदस्यों की सहभागिता रही। BJS सदस्यों ने आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाई और शिक्षक-शिक्षिकाओं के सम्मान एवं सत्कार में सहभागिता की।

सम्मान, मनोरंजन, सेवा और आत्मीयता से भरपूर इस आयोजन का समापन प्रभु भक्ति के साथ हुआ। पूरे कार्यक्रम में गुरुजनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

भारतीय जैन संगठना, पाली चैप्टर का यह आयोजन शिक्षक दिवस को केवल औपचारिक सम्मान तक सीमित रखने के बजाय गुरुजनों के प्रति सम्मान, सेवा, स्नेह और अपनत्व को व्यवहार में उतारने का संदेश देता नजर आया। शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे लंबे समय तक स्मरण रहने वाला आयोजन बताया।

Rajasthan Today

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