राज उन्नति की नवमी बैठक से पहले कलेक्टर ने कसी प्रशासनिक व्यवस्था, स्कूलों से लेकर योजनाओं की प्रगति तक की समीक्षा

पाली : राज्य स्तर पर वीसी के माध्यम से आयोजित होने वाली राज उन्नति की प्रस्तावित नवमी बैठक को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में सोमवार को जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में उनके कक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज उन्नति बैठक के एजेंडे में शामिल विभिन्न बिंदुओं की विभागवार समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने अधिकारियों से योजनाओं और विकास कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण करने तथा शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
बैठक में पीएम श्री विद्यालयों से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में प्रवेश कम होने के कारणों की समीक्षा करते हुए प्रवेश बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रयास करने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही विद्यालयों में चेकिंग मैकेनिज्म, कैरियर गाइडेंस, सीसीटीवी व्यवस्था और छात्रावास निर्माण के लिए भूखंड आवंटन सहित अन्य प्रगतिशील कार्यों की स्थिति की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने शिक्षा विभाग को इन कार्यों में आवश्यक गति लाने तथा विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में राजीविका एवं कृषि विभाग से संबंधित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। कृषि क्षेत्र में किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कस्टम हायरिंग सेंटरों को क्रियाशील करने पर जोर दिया गया।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का वास्तविक लाभ किसानों तक पहुंचे और निष्क्रिय पड़े केंद्रों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए सक्रिय किया जाए।
शहरी क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं में अमृत-2 तथा पीएम स्वनिधि योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने योजनाओं के लक्ष्यों की पूर्ति, लाभार्थियों तक पहुंच और लंबित कार्यों की स्थिति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए और योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

बैठक में उद्योग केंद्र से संबंधित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। जिले में उद्योग एवं रोजगार से जुड़े अवसरों को बढ़ावा देने के लिए योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। इसके साथ ही बेकर्स मीटिंग आयोजित करने को लेकर भी आवश्यक निर्देश दिए गए, ताकि संबंधित गतिविधियों को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।
सार्वजनिक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी ली गई। बैठक में समर कंटीजेंसी सहित अन्य संबंधित बिंदुओं पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने निर्माण एवं सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा करने पर जोर दिया।
बैठक में ‘कर्मभूमि से मातृभूमि’ सहित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट अपडेट रखने तथा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए।
जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल जनसुनवाई, संपर्क, सतर्कता तथा मुख्यमंत्री जनसुनवाई से जुड़े प्रकरणों की भी बैठक में समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को आमजन की शिकायतों और परिवेदनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जनसुनवाई से जुड़े प्रकरणों में केवल औपचारिक निस्तारण के बजाय समस्या का वास्तविक समाधान किया जाना चाहिए।
राज उन्नति की प्रस्तावित बैठक से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं में साइबर अपराध की परिवेदनाओं के निस्तारण एवं पीड़ितों को राहत का मुद्दा भी शामिल रहा। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने तथा पीड़ितों को नियमानुसार राहत दिलाने के निर्देश दिए।
बैठक में जिले के जर्जर विद्यालय भवनों को लेकर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को ऐसे भवनों की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता न हो।
इसके साथ ही शिक्षा विभाग से जुड़े अन्य विषयों पर भी चर्चा हुई।
रसद, सहकारिता, चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा
बैठक में रसद, सहकारिता, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सहित विभिन्न विभागों से संबंधित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया।
महिला एवं बाल विकास विभाग से संबंधित योजनाओं की समीक्षा के दौरान पोषण शक्ति निर्माण, पन्नाधाय बाल गोपाल योजना तथा आंगनबाड़ी पोषण कार्यक्रम की प्रगति पर चर्चा हुई।
कलेक्टर ने इन योजनाओं के माध्यम से बच्चों एवं महिलाओं तक पोषण संबंधी सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने तथा आंगनबाड़ी स्तर पर कार्यक्रमों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए।
बैठक में जिले में प्रस्तावित अटल ज्ञान केंद्रों की स्थापना तथा विद्यालयों में ICT लैब से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए आवश्यक प्रगति सुनिश्चित करने को कहा। तकनीकी सुविधाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में जिले में बनने वाले ट्रॉमा सेंटर से संबंधित तैयारियों और प्रगति पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही एवं समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि परियोजना से जुड़े कार्य निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ सकें।
राज्य स्तर पर प्रस्तावित राज उन्नति की नवमी बैठक से पहले जिला प्रशासन ने विभिन्न विभागों के कार्यों और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर तैयारियों को गति दी है। बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एजेंडे में शामिल प्रत्येक बिंदु पर अद्यतन जानकारी तैयार रखें और लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें।
बैठक में आईएएस बिरजू गोपाल, अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. बजरंग सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि राज्य स्तर की समीक्षा से पहले जिले से संबंधित सभी बिंदुओं पर आवश्यक कार्रवाई पूरी करते हुए प्रगति की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए।



