पाली में शिक्षकों की कार्यशाला, ‘हमारा विद्यालय–हमारा तीर्थ’ और प्रभावी प्रार्थना सभा पर हुआ मंथन

पाली : अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, राजस्थान (विद्यालय शिक्षा), जिला पाली के तत्वावधान में रविवार को एम. शांतिलाल मेहता सरस्वती विद्या मंदिर, टैगोर नगर, पाली में ‘हमारा विद्यालय–हमारा तीर्थ’ एवं ‘प्रभावी प्रार्थना सभा’ विषय पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में जिले के विभिन्न खंडों से आए शिक्षकों एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में संस्कार, अनुशासन, आत्मीयता, जिम्मेदारी और सकारात्मक वातावरण को मजबूत करना तथा प्रशिक्षण के माध्यम से इन दोनों विषयों के प्रभावी क्रियान्वयन को विद्यालय स्तर तक पहुंचाना रहा।
कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। जिला अध्यक्ष डा. विक्रम सिंह जैतावत, प्रदेश शैक्षिक प्रकोष्ठ सदस्य दिलीप सिंह जैतावत एवं जिला मंत्री ओमप्रकाश कुमावत ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
इसके बाद कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में विद्यालयी शिक्षा को संस्कार एवं व्यक्तित्व निर्माण से जोड़ने तथा विद्यार्थियों में अनुशासन और राष्ट्रभाव विकसित करने को लेकर विचार-विमर्श किया गया।

कार्यशाला के प्रथम सत्र में ‘हमारा विद्यालय–हमारा तीर्थ’ विषय पर प्रदेश कार्यशाला प्रतिनिधि सुनील विश्नोई ने मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालय को केवल शिक्षण का केंद्र मानने के बजाय उसे संस्कार, व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण आधारभूमि के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है।
उन्होंने विद्यालय के प्रति शिक्षकों, विद्यार्थियों और समाज में आत्मीयता एवं जिम्मेदारी का भाव विकसित करने पर जोर दिया। साथ ही विद्यालय की गतिविधियों में समाज और अभिभावकों की सहभागिता को भी महत्वपूर्ण बताया। द्वितीय सत्र में ‘प्रभावी प्रार्थना सभा’ विषय पर प्रार्थना सभा के प्रदेश संयोजक संदीप जोशी ने मुख्य वक्ता के रूप में मार्गदर्शन प्रदान किया।
उन्होंने कहा कि प्रार्थना सभा को केवल रोजाना होने वाली औपचारिक गतिविधि तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। इसे विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन, व्यक्तित्व विकास और राष्ट्रभाव विकसित करने का प्रभावी माध्यम बनाया जा सकता है।
इस दौरान विद्यालय स्तर पर प्रार्थना सभा को अधिक प्रभावी, उद्देश्यपूर्ण और विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता वाला बनाने के व्यवहारिक पक्षों पर भी चर्चा की गई।
जिला मंत्री ओमप्रकाश कुमावत ने बताया कि जिला स्तरीय कार्यशाला के लिए प्रत्येक खंड से चार-चार कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया है। अब ये प्रशिक्षित कार्यकर्ता अपने-अपने खंडों में इसी विषय को लेकर कार्यशालाओं का आयोजन करेंगे।
इन कार्यकर्ताओं के माध्यम से ‘हमारा विद्यालय–हमारा तीर्थ’ और ‘प्रभावी प्रार्थना सभा’ के विचारों एवं प्रशिक्षण को विद्यालयों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य जिला स्तरीय कार्यशाला को केवल एक दिवसीय कार्यक्रम तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि यहां प्राप्त प्रशिक्षण और विचारों को खंड स्तर से संकुल तथा संकुल से विद्यालय स्तर तक पहुंचाना है, ताकि इसका वास्तविक प्रभाव विद्यालयों में दिखाई दे।

कार्यशाला में प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्यों, जिला कार्यकारिणी सदस्यों और खंड कार्यकारिणी के पदाधिकारियों सहित जिले के सभी खंडों से शिक्षकों एवं कार्यकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता रही।
खंड निर्वाचन के बाद यह जिला स्तर पर नई खंड टीमों के साथ महत्वपूर्ण संगठनात्मक संवाद का अवसर भी रहा। इस दौरान संगठन के आगामी कार्यक्रमों, प्रशिक्षण गतिविधियों और शिक्षक हित से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई।
कार्यशाला के तृतीय एवं अंतिम सत्र में जिला टोली बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन की तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
जिला मंत्री ओमप्रकाश कुमावत ने बताया कि जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन का आयोजन 18 एवं 19 सितम्बर को देसूरी स्थित सोनाना खेतलाजी में किया जाएगा। बैठक में सम्मेलन के लिए कार्य विभाजन, तैयारियों और अधिकाधिक शिक्षकों की सहभागिता सुनिश्चित करने को लेकर चर्चा हुई। सभी खंडों से सम्मेलन की तैयारियों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।
जिला टोली बैठक में खंड अध्यक्षों ने जिला स्तरीय कार्यशाला में प्राप्त प्रशिक्षण एवं विचारों को खंड स्तर पर कार्यशालाओं के माध्यम से आगे बढ़ाने की योजना पर भी चर्चा की। इसके साथ ही विद्यालयों में दोनों विषयों को प्रभावी रूप से लागू करवाने के लिए आवश्यक गतिविधियों पर विचार किया गया।
बैठक में शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं एवं शिक्षक हित से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ। संगठन की गतिविधियों और प्रशिक्षण का लाभ अधिकाधिक शिक्षकों एवं विद्यालयों तक पहुंचाने तथा नई खंड टीमों के माध्यम से संगठनात्मक कार्यों को गति देने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यशाला के समापन पर जिला अध्यक्ष डा. विक्रम सिंह जैतावत ने प्रदेश, जिला एवं खंड स्तर के सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और शिक्षकों का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने संगठन के आगामी कार्यक्रमों एवं गतिविधियों में सभी से सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। कार्यशाला के माध्यम से विद्यालयों में शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, जिम्मेदारी और राष्ट्रभाव को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षण को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।



