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पाली में गूंजा हरे कृष्ण महामंत्र, इस्कॉन मंदिर के लिए सवा दो लाख वर्गफीट भूमि समर्पित

पाली : शहर में इन दिनों आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिल रहा है। अन्तर्राष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ इस्कॉन के गुरु एवं अन्तर्राष्ट्रीय प्रचारक परम पूज्य भक्ति वैष्णव स्वामी महाराज के दो दिवसीय पाली प्रवास के दौरान विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। महाराज के पाली आगमन पर भक्तों ने रास्ते से लेकर इस्कॉन केन्द्र तक फूल-मालाओं, रंगोली और पुष्पवर्षा के साथ भव्य स्वागत किया। इस दौरान हरे कृष्ण महामंत्र के कीर्तन से वातावरण भक्तिमय हो गया।

महाराज के प्रवास के दौरान महासत्संग, महाआरती, कीर्तन, नृत्य, गुरु पूजा और नृसिंह महायज्ञ सहित कई धार्मिक आयोजन हुए। वहीं मानपुरा भाकरी स्थित भक्ति वेदांत मार्ग पर इस्कॉन के प्रस्तावित भव्य मंदिर के लिए करीब सवा दो लाख वर्गफीट पावन भूमि समर्पित किए जाने का कार्यक्रम भी हुआ।

वृंदावन से पाली पहुंचे परम पूज्य भक्ति वैष्णव स्वामी महाराज के स्वागत के लिए भक्तों ने विशेष तैयारियां की थीं। रास्ते में और इस्कॉन केन्द्र पर फूल-मालाओं एवं रंगोली से सजावट की गई। भक्तों ने हरे कृष्ण महामंत्र का कीर्तन करते हुए महाराज पर पुष्पवर्षा की और माला पहनाकर स्वागत किया।

16 सितंबर की शाम इस्कॉन केन्द्र, अमरनाथ नगर में भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें महाआरती, कीर्तन, नृत्य और महासत्संग हुआ। प्रवचन के दौरान महाराज ने कथा श्रवण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए भक्तों को आध्यात्मिक मार्ग के बारे में बताया। कथा के बाद भक्तों ने अपनी जिज्ञासाएं और प्रश्न रखे, जिनका महाराज ने समाधान किया। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

दो दिवसीय कार्यक्रम के दूसरे दिन 17 सितंबर को प्रातः 4.30 बजे से मंगल आरती का आयोजन किया गया। इस दौरान गुरु अष्टकम, नृसिंह आरती, तुलसी आरती, चैतन्य शिक्षा अष्टकम, नाम अपराध और नाम जप की महिमा के साथ ब्रह्ममुहूर्त की शुरुआत हुई।

इसके बाद प्रातः 7 बजे मानपुरा भाकरी स्थित भक्ति वेदांत मार्ग पर इस्कॉन के भव्य मंदिर निर्माण के प्रस्तावित भूमि स्थल पर गुरु पूजा और महासत्संग का आयोजन किया गया।

महासत्संग में परम पूज्य भक्ति वैष्णव स्वामी महाराज ने कृष्ण भावनामृत और जीवों के वास्तविक कल्याण के विषय पर प्रवचन दिया। उन्होंने हरे कृष्ण महामंत्र की महिमा बताते हुए नाम जप और भगवान की भक्ति को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।

महाराज ने कहा कि मनुष्य जीवन को केवल भौतिक गतिविधियों में व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए, बल्कि भगवान श्रीहरि को जानने, उनकी महिमा का प्रचार करने और नाम जप के माध्यम से आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने में समय लगाना चाहिए। उन्होंने कलियुग में भगवान के नाम के जप और प्रचार-प्रसार के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

इस अवसर पर पाली में पहली बार नृसिंह महायज्ञ का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुति देकर धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया। आयोजकों के अनुसार भूमि की शुद्धता और सकारात्मक वातावरण के उद्देश्य से यज्ञ का आयोजन किया गया। महायज्ञ में पाली शहर के श्रद्धालुओं के साथ जयपुर, जोधपुर और बीकानेर से पहुंचे भक्तों ने भी सहभागिता की।

भक्ति वैष्णव स्वामी महाराज के पाली आगमन के अवसर पर इस्कॉन के भव्य मंदिर निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। प्रतीक झंवर चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से मानपुरा भाकरी भक्ति वेदांत मार्ग पर करीब सवा दो लाख वर्गफीट भूमि इस्कॉन को समर्पित की गई।

यह भूमि स्वर्गीय प्रतीक झंवर की पुण्य स्मृति में शिवकरण-राजकुमारी, स्व. प्रतीक-अंजली, वानी झंवर, स्वाति-मयंकजी, रेयांश एवं राव्या डागा परिवार द्वारा इस्कॉन को समर्पित की गई। भूमि समर्पण कार्यक्रम का उद्घाटन वृंदावन से पधारे महाराज जी एवं शिवकरण झंवर ने किया।

आयोजकों के अनुसार इस भूमि पर शीघ्र ही इस्कॉन का भव्य मंदिर निर्माण किया जाएगा। प्रस्तावित मंदिर में श्री राधा-गोविन्दजी के विग्रह स्थापित किए जाएंगे। मंदिर को आध्यात्मिक शिक्षा, भगवत भक्ति के प्रचार और सनातन धर्म से जुड़े ज्ञान के प्रसार के केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।

यहां श्रीमद्भागवत एवं भगवद्गीता के संदेशों के साथ कथा, कीर्तन और विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लिए आध्यात्मिक ज्ञान एवं भगवान के उपदेशों से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाने की बात कही गई।

इस अवसर पर शिवकरण झंवर ने कहा कि इस्कॉन एक ऐसी संस्था है, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों के लिए अलग-अलग आध्यात्मिक गतिविधियां संचालित होती हैं। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों से समाज के सर्वांगीण विकास में योगदान मिलता है।

उन्होंने कहा कि इस्कॉन के श्री राधा-गोविन्दजी के विग्रह और भक्तिमय वातावरण से मन को शांति का अनुभव होता है। पाली में इस्कॉन के भव्य मंदिर का निर्माण होने जा रहा है और इसमें शहरवासियों का सहयोग महत्वपूर्ण रहेगा। उन्होंने इसे भगवान की सेवा से जुड़ने का अवसर बताया।

इस्कॉन गुरु के दो दिवसीय पाली प्रवास के दौरान हुए धार्मिक आयोजनों के साथ मंदिर निर्माण के लिए भूमि समर्पण कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहा। अब मानपुरा भाकरी स्थित इस भूमि पर प्रस्तावित मंदिर निर्माण के जरिए पाली में कथा, कीर्तन, आध्यात्मिक शिक्षा और धार्मिक गतिविधियों का एक नया केंद्र विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।

Rajasthan Today

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