वरिष्ठ नागरिक समिति की मासिक बैठक में संगठन की एकता पर जोर, स्थानीय समितियों और सदस्यता को लेकर हुए महत्वपूर्ण निर्णय

पाली : वरिष्ठ नागरिक समिति की मासिक बैठक रविवार को करण सिंह चाली स्थित सभागार में जिला अध्यक्ष डॉ. रामलाल मोहबारशा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में समिति की पिछली बैठक की कार्यवाही का अनुमोदन करने के साथ संगठन की एकता, स्थानीय समितियों की संरचना, उप शाखाओं के पंजीयन तथा सदस्यता से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा की गई।
मासिक बैठक की शुरुआत में समिति के महामंत्री नरपत सिंह कुंपावत ने गत माह आयोजित बैठक की कार्यवाही पढ़कर सुनाई। उपस्थित वरिष्ठजनों ने हाथ उठाकर कार्यवाही का अनुमोदन किया।
जिला अध्यक्ष डॉ. रामलाल मोहबारशा ने बैठक में संगठन की एकता और आपसी समन्वय के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने समिति के सभी सदस्यों से संगठन को मजबूत बनाने और सामूहिक रूप से कार्य करने का आह्वान किया। उपस्थित सदस्यों ने भी संगठन की एकता के प्रति अपनी सहमति व्यक्त की।

सितंबर माह में जन्मे समिति महामंत्री नरपत सिंह कुंपावत एवं विट्ठल भाई सांखला के जन्मदिवस के अवसर पर जिला अध्यक्ष ने दोनों को माला पहनाकर समिति की ओर से शुभकामनाएं दीं और दीर्घायु की कामना की।
इस दौरान जिला अध्यक्ष ने ‘तुम जियो हजारों साल’ गीत गाकर जन्मदिवस की बधाई दी। सम्मान से अभिभूत महामंत्री नरपत सिंह कुंपावत ने उपस्थित सभी वरिष्ठजनों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठजनों के आशीर्वाद और सहयोग से ही वे समिति की बड़ी जिम्मेदारी का निर्वहन कर पा रहे हैं। उन्होंने भविष्य में भी इसी प्रकार आशीर्वाद और शुभकामनाएं बनाए रखने की अपेक्षा जताई।
बैठक के दौरान पूनम सिंह राठौड़ एवं गणपत सिंह दहिया के सुझाव पर विभिन्न बिंदुओं को साधारण सभा की बैठक में विचार-विमर्श के लिए रखा गया।
इसमें मासिक बैठक को वर्तमान में निर्धारित महीने के अंतिम रविवार के स्थान पर अंतिम मंगलवार को निर्धारित समय पर आयोजित करने का प्रस्ताव शामिल रहा। प्रस्ताव पर उपस्थित सदस्यों के बीच चर्चा की गई।

बैठक में पाली जिले की 35 स्थानीय समितियों को लेकर भी चर्चा हुई। प्रस्ताव के अनुसार निर्धारित सरकारी नियमों के तहत स्थानीय समिति के लिए न्यूनतम 11 सदस्यों की अनिवार्यता के संबंध में विचार किया गया। इसमें 11 से कम सदस्य होने की स्थिति में भी समिति के संचालन को लेकर प्रस्ताव रखा गया।
इसी प्रकार उप शाखाओं के पंजीयन को लेकर भी चर्चा हुई। प्रस्ताव में उप शाखाओं के लिए अलग-अलग पंजीयन नंबर के स्थान पर जिला समिति के ही पंजीयन नंबर का उपयोग किए जाने की बात रखी गई।
बैठक में वरिष्ठ नागरिक समिति के संविधान के तहत समिति की प्रतिष्ठा एवं अनुशासन से जुड़े विषय पर भी चर्चा हुई। प्रस्ताव के अनुसार यदि कोई सदस्य समिति की साख को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों में शामिल होता है अथवा अन्य प्रतिस्पर्धी समितियों में जाता है, जिससे समिति की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है, तो ऐसे मामलों में जिला अध्यक्ष के अधिकारों को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
इसके अलावा बैठक में ऐसे व्यक्तियों को समिति की सदस्यता से वंचित रखने के प्रावधान पर भी चर्चा हुई, जिनकी सामाजिक गतिविधियों को समिति के निर्धारित उद्देश्यों एवं प्रतिष्ठा के अनुरूप नहीं माना जाता है। इस संबंध में अंतिम व्यवस्था समिति के संविधान एवं लागू नियमों के अनुरूप रखने पर जोर दिया गया।

मासिक बैठक में उपाध्यक्ष अंबालाल सोलंकी, गणपत सिंह दहिया, पीएस राठौड़, सुवालाल पेड़ीवाल, श्रवण कुमार तंवर, बरदी चंद मेवाड़ा, गोपी किशन माहेश्वरी, माणक चंद तंवर, चैन सिंह खींची, विष्णु कुमार गोयल, रामदयाल गांधी, हंसराम, मुन्ना सिंह सहित समिति के अन्य वरिष्ठजन उपस्थित रहे।
बैठक में विभिन्न संगठनात्मक विषयों पर चर्चा के साथ समिति की गतिविधियों को व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने के लिए सदस्यों से सुझाव भी लिए गए।



